छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर अंकुश लगाने में जिम्मेदार मौन…

अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर अंकुश लगाने में जिम्मेदार मौन
हसौद। जिला कलेक्टर के द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के बावजूद भी खनिज के अवैध कारोबारी अपने अवैध धंधों से बाज नही आरे। प्रशासनिक उत्खनन प्रतिबंध के बाद भी रेत माफियों को कार्यवाही का जरा सा भी डर नहीं। जबकि जांजगीर जिले के विभिन्न स्थानों में खनिज विभाग के सयुक्त टीमों द्वारा रेत के अवैध खनन और परिवहन करने वालों पर जिला कलेक्टर के दिशा निर्देश पर प्रशासनिक कार्यवाही की जा रही है। जिसका ताजा उदाहरण बीते 31 अगस्त की ही है पिथनपुर, बिरगहनी, नवापारा, में राजस्व एवं माइनिंग विभाग के निरिक्षण के दौरान खनिज अधिनियम के तहत 01 जेसेबी 03 हाईवा सहित 13 नग ट्रैक्टर पर कार्यवाही किया गया है, फिर भी रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन करने वाले माफियों के मन में खनिज विभाग का खौफ दिखाई नही दे रहा है। जिससे यह समझा जा रहा है प्रशासन कार्यवाही के नाम पर औपचारिकता निभा रहा है।
उल्लेखनीय है की सक्ति जिले के बिर्रा थाना अंतर्गत करही ग्रामपंचायत के महानदी घाट से इन दिनों रेत माफियों द्वारा प्रशासनिक उत्खनन प्रतिबंधित होने के बाद भी धडल्ले से अवैध तरीके से बेखौफ हो कर रेत का उत्खनन किया जा रहा है। रेत माफिया द्वारा दिन तो दिन रात के अंधेरे में भी चैन माउंटेन मशीन(जेसीबी) के द्वारा महानदी से रोजाना बड़े पैमाने में हाईवा में लोडिंग कर बड़े शहरों में सप्लाई कर मोटी रकम में खापा कर राजस्व विभाग को प्रति माह लाखों का चूना बड़े अशानी से लगाया जा रहा है। करही घाट में हमेशा से ही रेत माफिया का राज है जिनके ऊपर अभी तक किसी प्रकार की कार्यवाही नही की गई है जिसका फायदा उठाकर रेत तस्करों का मनोबल बढ़ रहा है। करही घाट से बिना रियल्टी के भी ट्रैक्टरों से भी भरी मात्रा में रेत निकल कर नगर,शहरों, व ग्रामीण इलाकों में दुगने दामों में बेचा जाता है, जिसकी जानकारी ग्रामीण द्वारा जब दी जिम्मेदार अधिकारियों दी जाती है तो कार्यवाही का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ दिया जाता है।
वर्जन
प्रतिबंध होने के बाद भी यदि ऐसा है तो कल परसो कार्यवाही करते है।
उत्तम खूंटे
खनिज विभाग माइनिंग स्पेक्टर



