रेडी टू इट को लेकर बवाल, पहले नंबर पर आए समूह को लेकर लगे गंभीर आरोप, विधानसभा में उठा मामला, अधिकारी ने कहा, सबकुछ ……….. पढ़िए पूरी खबर

रायगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार जहां प्रदेश में स्वसहायता समूहों को फिर से रेडी टू इट फूड के निर्माण के लिए जोड़ने पर महिलाओं के प्रगति को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़कर देख रही है और इस बात को अपनी उपलब्धि बता रही है वहीं रायगढ़ में इस मामले में विवाद की स्थिति निर्मित होते दिख रही है।
जिले के खरसिया विकासखंड के लिए रिया महिला समूह का चयन किया गया है लेकिन उनके चयन पर बगलामुखी महिला समूह ने आपत्ति दर्ज कराते हुए रिया महिला समूह के चयन में नियमों को दरकिनार करने और बगलामुखी महिला समूह को अंक दिए जाने में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कई बिंदुओं में अपनी बात को मीडिया के सामने रखा है। उन्होंने अधिकारियों पर न केवल दावा आपत्ति के बिंदुओं को दरकिनार करने के आरोप लगाए हैं बल्कि विभाग द्वारा अपील के लिए मांगे गए दस्तावेजों को देने में लेटलरिफी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि उनके दावा के निराकरण कैसे किया गया इस बात की जानकारी भी उन्हें नहीं दी गई।


बगलामुखी महिला समूह ने रिया महिला स्व सहायता समूह ने रिया महिला स्व सहायता समूह को रेडी टू इट के लिए नामित किए जाने पर आपत्ति जताते हुए आवेदन जमा किया गया जिसमें उनके खाते का अनियमितीकरण, सदस्यों द्वारा सदस्यता राशि न जमा करने, पूर्व के लोन का नियमित किश्तों को न पटाने (जो विज्ञापन में प्रकाशित नियम के अनुसार उन्हें अयोग्य बनाता है) जैसे कई आपत्ति करते हुए बगलामुखी स्व सहायता समूह के द्वारा सभी अर्हताओं को पूरा करने के बावजूद उनके अंक जानबूझकर काट देने की बात भी कही है।
अधिकारी ने कहा सब नियमतः
इस मामले में मुनादी ने जब जिला महिला बल विकास अधिकारी से बात की तो उन्होंने कहा कि सब कुछ नियमानुसार हुआ है, यदि उन्हें फिर भी संतुष्टि नहीं है तो वे कमिश्नर के पास अपील भी कर सकते हैं। रिया समूह के डिफाल्टर होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जब सबका लोन माफ कर दिया गया तब किसी के डिफाल्टर होने का सवाल कहां से आता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्व सहायता समूहों की पात्रता की जांच मैने अकेले नहीं बल्कि सात सदस्यीय समिति ने की है और सबकुछ जांच परखकर किया गया है। जिन्हें अपात्र किया जाता है वे आरोप लगाते ही हैं वैसे अपनी संतुष्टि के लिए वे अपील भी कर सकते हैं।
विधानसभा में उठा मामला
विधायक उमेश पटेल ने खरसिया विकासखण्ड में रेडी-टू-इट एवं फोर्टिफाइड आटा की आपूर्ति हेतु अपात्र महिला समूह दिए जाने के मामला को विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से बिन्दुवार महिला एवं बाल विकास मंत्री को प्रश्नों के माध्यम से घेरा। विधायक उमेश पटेल ने मंत्री को ध्यानआकृष्ट कराया कि चयन की क्या नियम प्रक्रिया बनाई गई है और उस नियम में अगर कोई स्व-सहायता समूह पहले से डिफाल्टर है तो क्या उसका चयन किया जा सकेगा ? जिस पर मंत्री ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। विधायक पटेल ने यह भी कहा कि जो महिला समूह पहले से रेडी-टू-इट चलाया हो उनको न देकर किसी डिफाल्टर महिला समूह को दिये जाने का नियम है क्या ? जिस पर मंत्री ने चयन समिति एवं प्रक्रिया की जानकारी दिया। विधायक पटेल ने सदन में स्पष्ट रूप से मंत्री द्वारा गलत जवाब दिए जाने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि खरसिया में गलत तरीके से अपात्र समूह का चयन किए जाने का तथ्य मेरे पास उपलब्ध हैं मैं उसे प्रमाणित भी कर सकता हूं। इसलिए मैं कह रहा हूं कि माननीय मंत्री जी विधानसभा में गलत बयानबयाजी कर रहे हैं। विधायक उमेश पटेल ने सदन में कहा कि जो पात्र महिला समूह है उसने एक-एक पाईंट में जहां जहां दावा आपत्ति करना था दावा आपत्ति भी किया गया परन्तु बड़ी बात यह है कि दावा आपत्ति का बिना निराकरण किए चौथे नंबर की महिला समूह को पहले नंबर पर किया गया और रेडी-टू-इट का कार्य दे दिया गया जो नियम के विपरित है। इस प्रकार महिला बाल विकास मंत्री को खरसिया के रेडी-टू-इट मामले में घेरे और ध्यानाकर्षण के माध्यम से सदन में संज्ञान लेकर जांच कराकर सही पाए जाने पर पात्र महिला समूह को रेडी-टू-इट का कार्य देने का सदन के माध्यम से मांग किए। ज्ञात हो कि खरसिया में रेडी-टू-इट का कार्य को अपात्र महिला समूह को दिया गया है जो महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी डिफाल्टर की सूची में है जिसकी जानकारी सूचना के अधिकार के माध्यम से निकाला गया है फिर भी नियम विपरित उसे पात्र बताकर रेडी-टू-इट का कार्य सौंपा गया है। इस प्रकार विधायक उमेश पटेल विभिन्न मुद्दों के माध्यम से सरकार को लगातार घेर रहे हैं।



