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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

रामचरितमानस एहि नामा, सुनत श्रवन पाइअ बिश्रामा -राजेश्री महन्त… जिला जांजगीर चांपा के ग्राम अमोरा में आयोजित श्री राम कथा में सम्मिलित हुए अध्यक्ष गौ सेवा आयोग…

रामचरितमानस एहि नामा, सुनत श्रवन पाइअ बिश्रामा -राजेश्री महन्त 

जिला जांजगीर चांपा के ग्राम अमोरा में आयोजित श्री राम कथा में सम्मिलित हुए अध्यक्ष गौ सेवा आयोग

जांजगीर-चांपा। महामंडलेश्वर, राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास महाराज अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग अपने एकदवसीय जिला जांजगीर चांपा प्रवास के दौरान नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत स्थित ग्राम अमोरा में आयोजित श्री राम कथा के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यहां मध्य प्रदेश इटारसी से पधारे हुए अनंत श्री विभूषित श्री स्वामी रामकृष्णाचार्य महाराज बहुत ही सरस एवं सहज भाषा में श्री राम कथा का रसपान करा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के पश्चात अध्यक्ष गौ सेवा आयोग ने सबसे पहले यज्ञ मंडप की परिक्रमा करके भगवान की पूजा अर्चना की और श्री राम कथा का रसपान किया। जब वे अन्य कार्यक्रम के लिए रवाना हो रहे थे तब आचार्य श्री ने मंच से महाराज जी को आशीर्वचन के लिए आमंत्रित किया और कहा कि यहां उपस्थित सभी जनता आप को सुनना चाहते हैं कृपया अपना आशीर्वचन प्रदान करने की कृपा करें। राजेश्री महन्त महाराज ने उनके विशेष आग्रह पर श्रोताओं को श्री राम कथा श्रवण कराते हुए कहा कि मंच पर विराजित आचार्य जी से हैदराबाद के कार्यक्रम में भेंट मुलाकात हुआ था। वहां स्वामी रामानुजाचार्य महाराज की जयंती बहुत ही भव्य तरीके से मनाई जा रही थी। अब पुन: अमोरा के इस मंच में भेंट मुलाकात हुई है! आचार्य जी बहुत ही विद्वान एवं उत्कृष्ट वक्ता हैं इन्होंने बहुत ही सरल तरीके से श्री राम कथा का रसपान हम सभी को कराया है! राजेश्री महन्त जी ने कहा कि श्रीरामचरितमानस विश्व के सर्वोत्कृष्ट ग्रंथों में से एक है, इसके श्रवण मात्र से जीवात्मा को शांति मिलती है। गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने लिखा है – रामचरितमानस एहि नामा, सुनत श्रवन पाईअ बिश्रामा।। अर्थात इस महान ग्रंथ का नाम श्रीरमचरितमानस है इसे सुनने मात्र से जीव को विश्राम मिलता है। इस चरित्र को गा लेने से मनुष्य भवसागर से पार चला जाता है और वह ईश्वर के सदृश्य हो जाता है। – यह चरित जे गावहिं, हरिपद पावहीं ते न परहिं भव कुपा।। इसके पूर्व आचार्य श्री ने श्रोताओं को श्री रामचरितमानस की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान की शरणागति भवसागर से पार कराने वाला है, समाज को वर्ण शंकरता से बचना चाहिए। जन्म और मृत्यु के समय जीवात्मा को अत्यंत पीड़ा होती है। यह शरीर – छिति जल पावक गगन समीरा अर्थात पांच तत्वों से मिलकर बना है! हमें अपने जीवन में भगवान को कभी भी नहीं भूलना चाहिए! राजेश्री महन्त महाराज अमोरा के कार्यक्रम के उपरांत पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत स्थित ग्राम डोंगाकोहरौद पहुंचकर शोक संतप्त पांडे परिवार से मिले एवं श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में सीताराम दास महाराज, मोतीलाल देवांगन, रामविलास तिवारी, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुनिराम कश्यप, जनपद सदस्य कमलेश सिंह, रीखेंद्र तिवारी, प्रमोद सिंह, प्रहलाद धिवर, लक्ष्मी सिंह तथा देव कुमार पांडे, कल्याण सिंह वर्मन, शकुंतला खरे, मनोज खरे, ओंकार राय सागर, अजय दिव्य, योग नारायण वैष्णव, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य जन तथा पुलिस प्रशासन के लोग उपस्थित थे।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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