Pakistani army resignations : पाकिस्तानी सेना में इस्तीफों की झड़ी! LOC पर तनाव के बीच दो दिनों में 5 हजार जवानों ने छोड़ी नौकरी, मचा हड़कंप…

नई दिल्ली। Pakistani army resignations : पाकिस्तानी सेना के जवान और अधिकारी अपने परिवारों के दबाव और जान के खतरे के डर से बड़ी संख्या में अपनी नौकरियां छोड़ रहे हैं। बीते दो दिनों में लगभग 5,000 सैनिक और अधिकारी अपनी-अपनी पोस्ट से इस्तीफा देकर घर लौट चुके हैं, जबकि कई अन्य ने भी इस्तीफे की योजना बनाई है। इस हालात ने पाकिस्तानी सेना में हड़कंप मचा दिया है।
सेना के वरिष्ठ अधिकारी लगातार सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को पत्र लिखकर इस्तीफों के बढ़ते सिलसिले पर चिंता जता रहे हैं और इसे रोकने की अपील कर रहे हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो जवानों का मनोबल पूरी तरह टूट सकता है, जिससे सेना की कार्यक्षमता पर गंभीर असर पड़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक, पेशावर स्थित पाक सेना की 11वीं कोर के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल उमर बुखारी ने अपने पत्र में 12वीं कोर में अधिकारियों और जवानों के बड़े पैमाने पर इस्तीफों पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी सीमा पर तैनात सैनिकों के बीच इस्तीफों का संकट लगातार गहराता जा रहा है।
पिछले दो दिनों में अकेले 200 से अधिक अधिकारी और करीब 600 जवान अपनी सेवा छोड़ चुके हैं। इसके अलावा, उत्तरी कमान क्षेत्र में भी 100 से ज्यादा अधिकारी और 500 जवान इस्तीफा दे चुके हैं। एलओसी पर तैनात मंगल कोर से भी 75 अधिकारी और 500 जवान इस्तीफा देकर लौट चुके हैं, और यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।
पत्र में यह भी बताया गया है कि अधिकतर सैनिक और अधिकारी परिवार के दबाव में या अपनी जान की चिंता के चलते इस्तीफा दे रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने इस डर को और गहरा कर दिया है।
सेना प्रमुख से अपील की गई है कि वह जल्द से जल्द इस संकट से निपटने के लिए सख्त कदम उठाएं, ताकि सैनिकों का मनोबल बरकरार रह सके। यदि इस्तीफों का सिलसिला यूं ही जारी रहा और युद्ध जैसे हालात बने, तो पाकिस्तानी सेना के लिए हालात संभालना बेहद कठिन हो जाएगा।
पहल्गाम हमले के बाद से पाकिस्तानी सेना में भय का माहौल व्याप्त है। सैनिकों के परिवार अपने बेटों और रिश्तेदारों को लगातार फोन कर नौकरी छोड़ने और सुरक्षित घर लौटने की सलाह दे रहे हैं। उन्हें डर है कि भारत कभी भी पाकिस्तान पर हमला कर सकता है, जिससे उनके परिजन मारे जा सकते हैं।
इस्तीफों की बढ़ती संख्या ने सेना के शीर्ष अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। वे जवानों को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हालात काबू में आते नजर नहीं आ रहे हैं।



