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‘अब दोबारा परीक्षा नहीं दे पाऊंगी…’, NEET छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम, 14 छात्रों की मौत से मचा हड़कंप

NEET Re-Exam Stress: नीट री-एग्जाम का दबाव देशभर के कई छात्रों और उनके परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है। परीक्षा दोबारा होने की खबर के बाद कई छात्र मानसिक तनाव और भविष्य को लेकर डर महसूस कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में कई छात्रों की मौत की खबरों ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की मानसिक स्थिति को लेकर बहस तेज कर दी है।

तमिलनाडु के कोयंबटूर में नीट री-एग्जाम का दबाव से जुड़ा एक दुखद मामला सामने आया है। 19 वर्षीय छात्रा अनुकीर्तना, जो मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का इंतजार कर रही थी, उसकी मौत हो गई। परिवार के अनुसार, उसने अपने करीबी लोगों को संदेश भेजकर दोबारा परीक्षा को लेकर अपने डर और चिंता का जिक्र किया था।घटना के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय संगठनों ने मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

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छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद नीट री-एग्जाम का दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को भावनात्मक सहयोग, सही मार्गदर्शन और तनाव से निपटने के लिए मदद की जरूरत होती है।परिवारों और शिक्षकों की भूमिका ऐसे समय में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, ताकि छात्र अपनी चिंताओं को खुलकर साझा कर सकें।

NEET विवाद के बाद बढ़ी सख्ती और जांच
नीट री-एग्जाम का दबाव की स्थिति उस समय बनी जब परीक्षा से जुड़े विवाद सामने आए। इसके बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज की और कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया। सरकार ने कहा है कि परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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विशेषज्ञों ने तनाव कम करने पर दिया जोर
शिक्षा और मनोविज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि नीट री-एग्जाम का दबाव झेल रहे छात्रों को अकेला महसूस नहीं होने देना चाहिए। अभिभावकों को बच्चों की बात सुननी चाहिए और जरूरत पड़ने पर पेशेवर मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।अगर कोई छात्र लगातार निराशा, डर या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचार व्यक्त करता है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत किसी विश्वसनीय व्यक्ति, परिवार के सदस्य या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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