महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय: कम्युनिटी सर्विस प्रोजेक्ट का सफल समापन, साइबर सिक्योरिटी पर विशेष व्याख्यान के साथ प्रमाण पत्र वितरण…

जांजगीर-चांपा। श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल (अकलतरा) में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं कम्युनिटी सर्विस प्रोजेक्ट समिति के संयुक्त तत्वाधान में महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत पाँच दिवसीय कार्यशाला में महिलाओं को केक मेकिंग, रूप सज्जा और मेहंदी जैसी कला रूपों में प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके कौशल को विकसित करने में मदद करना था। कार्यशाला के अंतिम दिवस पर प्रमाण पत्र वितरण एवं साइबर सिक्योरिटी पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उमेश कुमार कश्यप (सहायक पुलिस अधीक्षक जांजगीर) वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में दीप्ति रोहित सारथी (अध्यक्ष नगर पालिका अकलतरा), पारस पटेल (नगर निरीक्षक मुलमुला), श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल के संचालक डॉ.जे.के.जैन, सुधा शर्मा (कार्यशाला प्रशिक्षक कम्युनिटी सर्विस प्रोजेक्ट बिलासपुर), रोहित सारथी (भू.पू. सैनिक), राजकुमार साहू (आईबीसी न्यूज प्रभारी जांजगीर) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में उमेश कुमार कश्यप, सहायक पुलिस अधीक्षक जांजगीर) ने महिला सशक्तिकरण के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण की सराहना की और साइबर अपराधों के बारे में जागरूकता फैलाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ठगी लिंक के माध्यम से खातों से पैसे निकालने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसलिए, हमें साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। आगे उन्होंने बताया सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है। कोई भी शॉर्टकट या आसान तरीका सफलता की गारंटी नहीं दे सकता। छात्रों को अपने लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होती है। बढ़ते उद्बोधन के क्रम में श्री पारस पटेल (नगर निरीक्षक मूलमुला) ने बताया वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या बन गई हैं, और इनसे बचाव के लिए यातायात नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रकाश डाला और छात्र-छात्राओं को हेलमेट पहनने की सलाह दी। तत्पश्चात दीप्ति रोहित सारथी (अध्यक्ष नगर पालिका अकलतरा)ने कहा कि महिला सशक्तिकरण एक आंदोलन है ना कि विचार।उन्होंने बताया अहिल्याबाई होलकर की कहानी महिला सशक्तिकरण के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने शासनकाल में कई महत्वपूर्ण कार्य किए और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की। साथ ही साथ उन्होंने सीमा में तैनात वीर नारियों के योगदान को नमन किया और वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा पर उन्होंने चर्चा करते हुये मोबाइल के बच्चों पर प्रभाव को बताया। बढ़ते उद्बोधन के क्रम में रोहित कुमार सारथी (भू.पू. सैनिक) के द्वारा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी और देश के कर्ज को चुकाने के लिए आहान किया गया। कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में प्रशिक्षित छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। अंत में आगंतुक अतिथियों को संस्था के सचिव अंकित जैन के द्वारा प्रतीकात्मक भेंट समर्पित कर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.शिखा सिंह के द्वारा आभार व्यक्त किया गया इस प्रकार कार्यक्रम में राजेंद्र कुमार राठौर,जयंती लहरे, राजमणि द्विवेदी,के के धैर्य, रघुनंदन मार्बल, हिमांशु साहू, शीतल केडिया,निर्मला पालीवाल, प्रीति घोरे,रासेयो कार्यक्रम अधिकारी अरविंद मिरी, डॉ. प्रतिमा रानी द्विवेदी, ओमप्रकाश सोनी, संजीव चौहान, दुर्गा टण्डन,श्वेता सिंह चंदेल, संध्या सिंह, कमलकांत साहू,नवीन आदित्य, प्रभात कश्यप, नागेंद्र कुमार जांगड़े, राहुल राठौर,अर्जुन दास मोहले,संजना भास्कर,सोनम साहू,श्रद्धा राठौर,भूपेन्द्र कुमार, चंद्ररुपा कश्यप,अशोक पाण्डेय, सुनीता पाण्डेय,पायल दास,हितेश्वरी कश्यप, रश्मि मरकाम, कृष्णकांत चंद्राकर,समरीन मिर्जा,मनीष गंधर्व,आकाश दास,नीरज निर्मलकर,बृजनंदन पटेल, द्वाशराम कश्यप,राजेश साहू, एवं छात्र/छात्राओ के साथ साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम को लेकर छात्रों में खुशनुमा माहौल था।



