Navya Malik Scandal: रायपुर पुलिस की चार्जशीट के बाद ईडी खोलेगी ड्रग्स रैकेट के राज, बढ़ेगी कई रसूखदारों की मुश्किलें

रायपुर। शहर के सबसे चर्चित और हाईप्रोफाइल ड्रग्स स्कैंडल की जांच अब एक नए और बेहद कड़े मोड़ पर पहुंच गई है। कथित ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी आधिकारिक एंट्री कर ली है। केंद्रीय एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में ब्लैक मनी के इस्तेमाल और अवैध पैसों के लेन-देन की परतें खोलने की तैयारी में जुट गई है।
चार्जशीट और पुलिस रिकॉर्ड तलब
इसके अलावा, ईडी ने मामले से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज, कोर्ट में पेश चार्जशीट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की कॉपियां रायपुर पुलिस से मांगी हैं। स्थानीय पुलिस पहले ही अदालत में अपनी मुख्य चार्जशीट पेश कर चुकी है और फिलहाल कोर्ट में मामले का ट्रायल जारी है। यही कारण है कि ईडी की सक्रियता बढ़ते ही शहर के उन सफेदपोश लोगों में भारी बेचैनी देखी जा रही है, जिनके नाम अब तक गुप्त रखे गए थे।
मास्टरमाइंड के रसूखदारों से संबंध
हालांकि, वर्ष 2025 में हुए इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस ने नाव्या मलिक को मुंबई से गिरफ्तार किया था। वह मूल रूप से रायपुर के कटोरा तालाब क्षेत्र की रहने वाली है। इसके विपरीत, जांच में यह बात सामने आई थी कि वह शहर के रईसों की निजी पार्टियों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करती थी। पुलिस को उसके पास से मिले मोबाइल फोन से करीब 850 रसूखदार लोगों के संपर्क नंबर मिले हैं। फलस्वरूप, अब इन सभी की भूमिका ईडी के रडार पर आ गई है।

मंगेतर के धोखे से खुली पोल
अंततः, पुलिस की चार्जशीट से यह बेहद दिलचस्प खुलासा हुआ है कि नाव्या का मंगेतर अयान परवेज उससे अपना रिश्ता तोड़ना चाहता था। ब्रेकअप का कोई रास्ता न मिलने पर उसने ही दिल्ली से आने वाली ड्रग्स की खेप की मुखबिरी पुलिस से कर दी थी। इसके साथ ही, चार्जशीट में ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ नाम के एक रहस्यमयी शख्स का भी जिक्र है। अब ईडी इस अनाम चेहरे और ड्रग्स की कमाई को ठिकाने लगाने वाले मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुट गई है।



