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शिवरीनारायण में बाढ़ आपदा से बचाव के लिए किया गया मॉकड्रिल

कलेक्टर-एसपी ने बाढ़ आपदा से बचाव की आवश्यक तैयारियों का लिया जायजा
 
मॉक ड्रिल: रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल पर लोगों को बचाने किया अभ्यास
 
     जांजगीर-चांपा। शिवरीनारायण स्थित महानदी के बाबाघाट में बाढ़ आपदा से बचाव के लिए मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) का आयोजन किया गया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे एवं एसपी विजय कुमार पांडेय ने बाढ़ आपदा से बचाव की आवश्यक तैयारियों का भी जायजा लिया और सम्पूर्ण गतिविधियां देखी। इस दौरान अपर कलेक्टर आर के सिंह तंबोली, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान, जिला अग्निशमन अधिकारी योग्यता साहू सहित एसडीआरएफ-नगरसेना के जवान सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
      शुक्रवार को एसडीआरएफ एवं नगर सेना की टीम द्वारा उपलब्ध समस्त बाढ़ बचाव सामग्रियों एवं अग्निदुर्घटना से बचाव का मॉकड्रिल किया गया। मॉकड्रिल में मोटर बोट, स्क्यूबा डायविंग, लाइफ जैकेट, सर्च लाइट एवं विभिन्न प्रकार के बचाव उपकरण का प्रयोग कर बाढ़ बचाव कार्य का लाइव डेमो (मॉकड्रिल) किया गया। मॉकड्रिल में बताया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के घरों में उपलब्ध होने वाली सामग्रियों जैसे गोल बर्तन, ड्रम, मटका, ट्यूब, प्लास्टिक बॉटल, इत्यादि सामग्रियों का राफ्ट (तैरती हुई संरचना) बनाना एवं पीने के पानी की बोतल को एयर टाइट कर लाइफ जैकेट बनाकर डूबते हुए व्यक्ति को बचाया जा सकता है।
     कलेक्टर ने बाढ़ राहत बचाव की तैयारियों की सराहाना की। उन्होंने कहा कि हमारे जिले की बाढ़ आपदा राहत टीम पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि बाढ़ आपदा में बचाव के लिए मॉक ड्रिल एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना होता है। इससे आपातकालीन सेवाओं को वास्तविक स्थिति में अभ्यास करने का अवसर मिलता है। इसमें बाढ़ एवं आपदा के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना, प्राथमिक चिकित्सा देना, और आपदा प्रबंधन के अन्य पहलुओं को शामिल किया जाता है। मॉक ड्रिल का एक और उद्देश्य जनसाधारण को जागरूक करना भी होता है। लोगों को सिखाया जाता है कि बाढ़ आने पर उन्हें क्या करना चाहिए और किस तरह की सहायता उपलब्ध होगी।
    पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मॉकड्रिल के माध्यम से तैयारियों की जांच संतुष्टिपूर्वक एवं आशापूर्वक संपन्न की गई। बाढ़ आपदा राहत के लिए हमारे जिले की टीम की पूरी तैयारी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉकड्रिल यह सुनिश्चित करती हैं कि आपदा के समय नागरिक और प्रशासन मिलकर प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
     जिला सेनानी योग्यता साहू ने बताया कि एसडीआरएफ बिलासपुर और नगरसेना जांजगीर बाढ़ बचाव दल की संयुक्त टीम बनाई गई है। मॉकड्रील में व्यक्ति के डूब जाने, फंस जाने, अग्निदुर्घटाना की सूचना प्राप्त होने पर रिस्पांस टाइम कम कर टीम द्वारा उनको रेस्क्यू करने का पूर्वाभ्यास किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे घर, गांव में जो अनुपयोगी वस्तुएं एवं कबाड़ होते है उसका उपयोग कर आपदा के समय में अपने आप को कैसे रेस्क्यू कर सकते है उसका भी मॉकड्रिल के माध्यम से नागरिकों को बताया गया।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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