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ED की चार्जशीट में Big Boss वॉट्सएप ग्रुप का जिक्र ! चैतन्य, सौम्या, ढेबर, कावासी सहित कई नाम आए सामने…

छत्तीसगढ़,19 सितम्बर : छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के मामले में ED द्वारा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट ने छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती सरकार, ब्यूरोक्रेसी और कारोबारी जगत में भूचाल ला दिया है। इस रिपोर्ट में राज्य में एक संगठित और प्रभावशाली गिरोह ‘Big Boss’ वाट्सएप ग्रुप का खुलासा हुआ है, जिसके जरिए न सिर्फ शराब, कोयला और सट्टा जैसे क्षेत्रों में अरबों रुपए की अवैध कमाई की जा रही थी, बल्कि ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ षड्यंत्र भी रचा जा रहा था।

सुनियोजित तंत्र कर रहा था भ्रष्टाचार
चार्जशीट के मुताबिक यह गिरोह पूर्ववर्ती सरकार के दौरान सक्रिय था, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाह, राजनेता, कारोबारी और यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल और उनके करीबी मित्रों के नाम भी शामिल हैं। यह नेटवर्क एक सुनियोजित तंत्र की तरह काम को अंजाम दे रहा था।

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चार्जशीट में दर्ज चैट्स और दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह फिल्मी स्क्रिप्ट, मनगढ़ंत कहानियों और कल्पनाओं पर आधारित दस्तावेजों के जरिए अधिकारियों की छवि धूमिल करने की साजिशें रचता था। जिसमें खासतौर पर एक विवादित IPS अधिकारी की ‘कल्पना-प्रधान डायरी’ को हथियार बनाकर इस्तेमाल किया जा रहा था।

चार्जशीट में दर्ज बड़े नाम
चैतन्य बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री का पुत्र)
अनिल टूटेजा (वरिष्ठ अधिकारी)
अरुणपति त्रिपाठी (अधिकारी)
सौम्या चौरसिया (पूर्व उप सचिव, CMO)
अनवर ढेबर (कांग्रेसी नेता)
कावासी लखमा (पूर्व मंत्री)

डिस्टिलरी मालिक और कारोबारी
ED का दावा है कि इस सिंडिकेट ने वसूली का समानांतर नेटवर्क खड़ा कर रखा था, जिससे करोड़ों की अवैध कमाई की जा रही थी। चार्जशीट के मुताबिक, इस गिरोह की पकड़ इतनी मजबूत थी कि अफसरों का तबादला, पदस्थापना, टेंडर और व्यापारिक निर्णय तक प्रभावित हो रहे थे।

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राज्य की साख को भारी नुकसान
ED का यह भी कहना है कि इस गिरोह की गतिविधियों ने न सिर्फ ईमानदार अधिकारियों को मानसिक यातना दी, बल्कि राज्य की छवि को भी राष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाया। भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी थीं कि आम जनता का सरकारी तंत्र से विश्वास उठता चला गया।

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सत्ता, व्यापार और अफसरशाही का गठजोड़
ED की चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि “यह सिंडिकेट छत्तीसगढ़ में सत्ता, व्यापार और अफसरशाही के गठजोड़ का खतरनाक उदाहरण है। इसने शासन के तंत्र को निजी स्वार्थ के लिए प्रयोग किया और शासन की आत्मा को चोट पहुंचाई।”

ED की चार्जशीट सामने आने के बाद पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार अब कटघरे में खड़ी नजर आ रही है। हालांकि कांग्रेस ने अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन जनता न्यायप्रणाली की ओर से सही निर्णय मिलने को लेकर आशान्वित है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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