उर्वरक वितरण में गड़बड़ी पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 5 लाइसेंस निलंबित, 1 निरस्त

जांजगीर-चांपा। खरीफ सीजन में किसानों को शासकीय दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा निजी कृषि केन्द्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। उप संचालक कृषि राकेश शर्मा के नेतृत्व में जिला एवं विकासखंड स्तर के उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने विभिन्न कृषि केन्द्रों की जांच की, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान मेसर्स राजेश ट्रेडर्स नवागढ़, मेसर्स पटेल कृषि केन्द्र तुस्मा, मेसर्स रोशन कुमार अग्रवाल पोड़ी, मेसर्स विकास ट्रेडर्स खरौद एवं मेसर्स प्रकाश कृषि केन्द्र खरौद में पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक और भौतिक स्टॉक का मिलान नहीं पाया गया। इसके अलावा किसानों को सत्यापित कैश मेमो जारी नहीं करना, लाइसेंस प्रदर्शित नहीं करना, उर्वरक वितरण रजिस्टर का संधारण नहीं करना तथा निर्धारित मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने जैसी अनियमितताएं पाई गईं।
इन प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके उर्वरक विक्रय लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।
वहीं विकासखंड अकलतरा स्थित मेसर्स अभिषेक एग्रो कटनई में निरीक्षण के दौरान पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक के अनुरूप भौतिक स्टॉक उपलब्ध नहीं मिला। साथ ही संबंधित संस्था द्वारा पिछले दो वर्षों से उर्वरक व्यवसाय नहीं किए जाने की जानकारी भी सामने आई। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर उक्त प्रतिष्ठान का उर्वरक विक्रय लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



