हत्या के आरोपी बेटा को आजीवन कारावास की सजा, 5000 का अर्थदण्ड भी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश का फैसला…

जांजगीर-चांपा। माँ की हत्या के मामले में बेटा को दोषसिद्ध अपराध धारा 302 के लिए आजीवन कारावास एवं 5 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। मामला बिर्रा थाना अंतर्गत ग्राम डभराखुर्द का है।
लोक अभियोजक राजेश पाण्डेय के अनुसार 15.10.2023 को सूचक श्रवण पटेल अपने घर के पास था। वहीं पर थोडी दूर में अवधमति का घर है। दोपहर करीब 3.30 से 4 बजे के मध्य अवधमति जोर-जोर से बचाओं बचाओं कहकर चिल्ला रही थी, उसकी आवाज सुनकर श्रवण पटेल दौड़ते हुए उसके घर गया तो वह चित्त हालत में घर के दरवाजे के सामने पड़ी हई थी, तब वह नानी-नानी कहकर चिल्लाया, कितु अवधमति कुछ नहीं बोली, वहां पर चावल बिखरा पड़ा हुआ था। अवधमति का बेटा अनिल पटेल (अभियुक्त) को घर से रोड तरफ भागते हुए देखा। उसके बाद अवधमति के भतीजा पुरूषोत्तम पटेल को एवं गांव के रमेश पटेल को लेकर मृतिका के घर गया, उस वक्त उसकी मौत हो गयी थी। अभियुक्त अनिल पटेल शराबी प्रवृत्ति का व्यक्ति है, आये दिन अपनी मां अवधमति से मारपीट करते रहता था, शंका है कि अनिल पटेल ही हाथमक्का से मारपीट कर अवधमति की हत्या की है। पुलिस के द्वारा 15.10.2023 को सूचक श्रवण पटेल की सूचना पर थाना बिर्रा में मर्ग दर्ज कर आरोपी के विरूद्ध धारा 302 का अपराध पंजीबद्ध किया गया और प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान घटनास्थल का नजरी नक्शा तैयार किया गया। तत्पश्चात विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन की ओर से विचार व्यक्त किया गया कि जिस प्रकार से आरोपी द्वारा अपनी मां से शराब पीने के लिए पैसा नहीं देने के कारण उसकी हत्या की गयी है, वह अत्यंत ही गंभीर प्रकृति का अपराध है। अतः उसे कठोर से कठोर दण्ड दिया जावे। इस प्रकार अभियोजन साक्षी श्रवण पटेल के साक्ष्य के अनुसार घटना दिनांक को जिस दिन अवधमति की मृत्यु हुई, उस दिन दोपहर 3 बजे साक्षी अपने घर में था, तब उसे अवधमति द्वारा बचाओ बचाओं मार डाला के शोर की आवाज सुनी। साक्षी ने उक्त आवाज अवधमति के घर से आते हुए सुनी थी। साक्षी उक्त आवाज को सुनकर अभियुक्त अनिल पटेल के घर से तरफ गया, जैसे ही साक्षी आरोपी के घर के दरवाजे पर पहुंचा तो वहां पर घर के दरवाजे को खुला हुआ पाया और साक्षी आरोपी के घर के अंदर गया तो उसने आरोपी को अपने घर से निकलते हुए पाया। उस समय अभियुक्त और साक्षी की कोई बातचीत नहीं हुई। साक्षी ने अंदर जाकर देखा तो अवधमति अंदर वाले दरवाजे के पास जमीन पर पडी हुई थी। अवधमति को पास जाकर देखा तो उसका धड़ वाला हिस्सा कमरे के भीतर तरफ और पैर वाला हिस्सा आंगन की तरफ और चित्त अवस्था में पडी हुई थी। उस समय आरोपी के सिवाय अन्य कोई नहीं था, जिसे प्रमाणित मानकर कर साक्षी श्रवण पटेल के कथनों पर विश्वास कर अभियोजन ने अभियुक्त के विरूद्ध प्रकरण को युक्तितयुक्त संदेह से परे प्रमाणित कराया है। अतः प्रकरण की परिस्थिति, अपराध की गंभीरता एवं सामाजिक प्रभाव को देखते हुए आरोपी अनिल पटेल पिता स्व. रामनाथ पटेल उग्र 37 वर्ष निवासी डभराखुर्द थाना बिर्रा जिला को दोषसिद्ध अपराध धारा 302 के लिए आजीवन कारावास एवं 5000 के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। अभियुक्त द्वारा अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर 6 माह का सश्रम कारावास पृथक से भुगताये जाने का आदेश न्यायालय द्वारा दिया गया है।



