छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
चरित्र शंका को लेकर पत्नी की डंडा से पीटकर हत्या करने वाले आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा…

जांजगीर-चांपा। चरित्र शंका को लेकर पत्नी को बांस की डंडा से पीटकर हत्या करने के आरोप में आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा भादवि की धारा 302 के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। मामला नवागढ़
थाना अंतर्गत अवरीद गांव का है।
राजेश पाण्डेय लोक अभियोजक जांजगीर के बताये अनुसार आरोपी गंगाराम श्रीवास अपनी पत्नी संगीता श्रीवास के चरित्र शंका को लेकर उसके साथ हमेशा गाली गलौच कर मारपीट करता था। दिनांक 11.03.2021 को लगभग 10 बजे ग्राम अवरीद स्थित अपने घर में उसी बात को लेकर आरोपी द्वारा अपनी पत्नी संगीता श्रीवास को घर में रखे
बांस की डंडा से मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाया गया। जिससे वह घटना स्थल पर ही बेहोश हो गई। आरोपी के घर लकड़ी काटने हेतु जनीराम के पहुंचने पर आरोपी, जनीराम की मदद से आहता संगीता श्रीवास को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय जांजगीर लेकर आया था, जहां ईलाज के दौरान घटना दिनांक को ही उसकी मृत्यु हो गई। उक्त घटना के संबंध में वार्ड ब्वाय जिला चिकित्सालय जांजगीर द्वारा मृतिका संगीता श्रीवास की आकाल एवं आकस्मिक मृत्यु की सूचना थाना जांजगीर में दिये जाने पर थाना जांजगीर द्वारा मर्ग इंटमेशन दर्ज किया गया। विवेचना उपरांत आरोपी गंगाराम श्रीवास के विरूद्ध अपराध कमांक 165/2022 अंतर्गत धारा 302 भा.द.सं. का अपराध पंजीबद्ध कर मामले का अन्वेषण किया गया। अन्वेषण के दौरान शव का निरीक्षण कर नक्शा पंचायतनामा तैयार कर घटना स्थल का नक्शा तैयार किया गया। तत्पश्चात विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान अभियोजन ने पाया कि घटना समय पर आरोपी और मृतिका की एक साथ एक ही घर में मौजूदगी तथा आरोपी के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर उससे जप्त डंडा में मानव रक्त के पाये जाने, इन प्रमाणों से अभियोजन आरोपी के विरूद्ध यह साबित करने में सफल रहा है कि आरोपी ने ही मृतिका को उक्त चोटें पहुंचाई जिसके परिणामस्वरूप दिनांक 11.03.2021 को मृतिका की मृत्यु कारित हुई। मृतिका को हिंसा का हेतु रखते हुए डंडा से अनेक बार वार कर अनेक चोट पहुंचाने से आरोपी की इसी आपराधिक मनःस्थिति का पता चलता है कि वह ऐसा कर मृतिका की मृत्यु कारित करना चाहता था। आरोपी की ओर से ऐसा प्रतिवाद नहीं लिया गया है कि उसका उल्लेखित आपराधिक कार्य भा.द.सं. की धारा 300 में परिभाषित किन्हीं अपवादों के अधीन आता है। अस्तु यह साबित है कि आरोपी ने मृतिका की मृत्यु कारित कर ऐसा आपराधिक मानव वध किया है जो हत्या की कोटी में आता है। इस प्रकार अभियोजन की ओर से विचार व्यक्त किया गया कि जिस प्रकार से आरोपी द्वारा चरित्र शंका को लेकर डंडा से पीटकर अपनी ही पत्नी की हत्या की गयी है वह अत्यंत ही हृदय विदारक घटना है अतः आरोपी को कठोर से कठोर दण्ड दिये जाने का निवेदन किया गया।
इस प्रकार अभियोजन ने अभियुक्त के विरुद्ध प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित कराया है कि जिस प्रकार से आरोपी द्वारा चरित्र शंका को लेकर
डंडा से पीटकर अपनी ही पत्नी की हत्या की गयी है वह अत्यंत ही हृदय विदारह घटना है। अतः प्रकरण की परिस्थिति अपराध की गंभीरता एवं सामाजिक प्रभाव को देखते हुए आरोपी गंगाराम श्रीवास पिता संतोष श्रीवास उम्र 32 वर्ष साकिन वार्ड क्रमांक 19 अवरीद, थाना नवागढ़ जिला जांजगीर-चांपा, छ0ग0
मादवि की धारा 302 के दोषसिद्ध अपराध के
लिए आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। आरोपी द्वारा
अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर कमश: 1 माह के सश्रम कारावास की सजा भुगताये जाने का आदेश दिया गया है। उक्त प्रकरण में अभियोजन की ओर से राजेश पाण्डेय लोक अभियोजक, जांजगीर ने पैरवी की।



