विशाल पंडाल में विराजमान होंगे “कचहरी चौक के राजा”… आकर्षक लाइटिंग व पुष्प सजावट के साथ होगी संगीतमय आरती…

दरअसल, पूरे देश और प्रदेश में गणेश चतुर्थी की बड़े धूमधाम से तैयारियां की जा रही हैं। चूंकि, हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का खास महत्व है। यह पर्व भगवान गणेश की पूजा के लिए समर्पित है। इस बार गणेश महोत्सव की शुरुआत छह सितंबर को दोपहर तीन बजकर एक मिनट पर होगी। ऐसा कहा जाता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के सभी विघ्नों एवं बाधाओं का नाश होता है। साथ ही जीवन में शुभता का आगमन होता है। गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस पर्व को भक्त बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। यह ज्ञान, सौभाग्य और समृद्धि के देवता भगवान गणेश के जन्म का प्रतीक है। यह त्योहार हर साल भाद्रपद माह में मनाया जाता है, जो दस दिनों तक चलता है। इस त्योहार को लेकर जांजगीर में भी जोरशोर से तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला मुख्यालय जांजगीर के कचहरी चौक में जाज्वल्यदेव गणेश सेवा समिति द्वारा विशाल पंडाल का बनाया जा रहा है। इस पंडाल में 20 फीट ऊंची श्री गणेश जी की भव्य प्रतिमा विराजित की जाएगी, जिसकी तैयारी जोरों से चल रही हैं। यहां पंडाल बहुत ही आकर्षक होगा, जिसमें 60 फीट ऊंचा एवं 100 फीट चैड़ा प्रवेश द्वार होगा। पंडाल को बनाने के लिए कलकत्ता से कारीगर आए हुए हैं, जो पिछले कई दिनों से दिन-रात काम में जुटे हुए हैं।



