स्टाफ की कमी से जूझ रहा जैजैपुर का बिजली विभाग… 40 गांवो की बिजली उपभोक्ताओं की समस्या से परेशान…

स्टाफ की कमी से जूझ रहा जैजैपुर का बिजली विभाग,
40 गांवो की बिजली उपभोक्ताओं की समस्या से परेशान
जांजगीर-जैजैपुर। विभाग को न केवल उपभोक्ता शिकायतों पर ध्यान देने में, बल्कि नियमित कार्यों के नियमित निपटान में भी समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिसमें जिले के शहरी और ग्रामीण हिस्सों में बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे के रखरखाव और विस्तार को शामिल करना शामिल है। सूत्रों ने यहां यह जानकारी दी।
सबसे कम कर्मचारियों वाले पद कनिष्ठ अभियंता, सहायक फोरमैन, लाइनमैन और सहायक लाइनमैन (एएलएम) के हैं। चौबीसों घंटे बिजली की अनुपलब्धता के पीछे कर्मचारियों की कमी को प्रमुख कारण बताते हुए इसके लिए निजीकरण, आउटसोर्सिंग और घोर कुप्रबंधन को जिम्मेदार होते है।
5 की स्टाप में 40 गांवो की जिम्मेदारी
आपको बता दे कि जैजैपुर बिजली विभाग में 5 की स्टाप है जिसमे 3 नियमित कर्मचारी और 2 संविदा कर्मचारियों की भरोसे 40 गांवो की देखरेख में बिजली विभाग की जिम्मेदारी है। जिसके स्टॉप की कमी के कारण 40 गांवो की बिजली उपभोक्ताओ परेशान है। समय पर बिजली की आपूर्ति में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 40 गांवो में अगर आधी तूफान या बरसात के समय ग्रामीणों को भारी दिक्कत होती है अगर कहि किसी गांव में केवल सप्लाई में किसी जगह पर टूट जाता है तो उसे खोजने में एड़ी चोटी एक करना पड़ता है।
कनिष्ठ यंत्री की रवैया से बिजली उपभोक्ता परेशान
आपको बता दे कि जैजैपुर के बिजली विभाग के कनिष्ठ यंत्री की रवैया से बिजली उपभोक्ताओं परेशान है। स्थानीय निवासी होने के कारण जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने की बजाए आये दिन तू तू मैं मैं करने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए जाते है। अगर कोई ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं ने फोन करते है तो फोन रिसीव भी नही करते है और रातभर बिजली खराबी का परेशानी उठानी पड़ती है और किसी भी समस्या का समाधान करने की बजाए उलझ जाते है और बिजली उपभोक्ताओं को भारी समस्या झेलना पड़ते है।



