Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

ISIS से जुड़े संदिग्ध ऑनलाइन मॉड्यूल का खुलासा करने वाली IPS राजश्री मिश्रा को दूसरी बार मिला केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक

छह महीने की गोपनीय खुफिया जांच में रायपुर के दो नाबालिगों की संदिग्ध ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों का हुआ था खुलासा, आतंकवाद निरोधक जांच में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान, जनवरी 2026 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी हो चुकी हैं सम्मानित, वर्तमान में छत्तीसगढ़ ATS में पुलिस अधीक्षक के पद पर हैं पदस्थ

रायपुर, 1 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गौरव की बात है कि प्रदेश की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी राजश्री मिश्रा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) की विचारधारा से प्रभावित संदिग्ध ऑनलाइन कट्टरपंथी मॉड्यूल का खुलासा करने तथा आतंकवाद निरोधक खुफिया जांच में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक (केजीडीपी)-2026 से सम्मानित करने के लिए चयनित किया गया है। यह उनका दूसरा केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक है। इससे पहले भी उन्हें प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए इस सम्मान से नवाजा जा चुका है।

वर्ष 2018 बैच की छत्तीसगढ़ कैडर की आईपीएस अधिकारी राजश्री मिश्रा वर्तमान में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) में पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ हैं। इस बार उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान रायपुर में सामने आए ISIS से प्रेरित संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की गहन खुफिया जांच और डिजिटल माध्यमों से फैल रही कट्टरपंथी विचारधारा की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए दिया जा रहा है।

छह महीने तक चली गोपनीय जांच में सामने आया संदिग्ध नेटवर्क

See also  CG Viral: रेप केस में भेजा जेल, फिर उसी कैदी से लिए सात फेरे! बस्तर की इस प्रेम कहानी ने सबको चौंकाया

जानकारी के अनुसार, राजश्री मिश्रा की निगरानी में एटीएस की टीम ने करीब छह महीने तक इस संवेदनशील मामले की गोपनीय जांच की। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी, डिजिटल गतिविधियों के विश्लेषण और मानवीय खुफिया स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं को आधार बनाकर संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी गईं। इस दौरान रायपुर के दो नाबालिगों की पहचान हुई, जिनके ISIS से प्रेरित प्रचार सामग्री और ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों से कथित जुड़ाव के संकेत मिले थे।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एटीएस ने प्रत्येक सूचना की बारीकी से जांच की। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया गया तथा आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्रित किए गए। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि किस प्रकार ऑनलाइन माध्यमों से चरमपंथी विचारधारा का प्रभाव युवाओं और किशोरों तक पहुंच रहा है तथा इसके पीछे किन गतिविधियों की भूमिका है।

Advertisment

UAPA के तहत हुई कार्रवाई, किशोर न्याय बोर्ड में पेश हुआ आरोपपत्र

जांच में प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर एटीएस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की। चूंकि इस मामले में दो नाबालिग शामिल थे, इसलिए उनके संबंध में किशोर न्याय व्यवस्था के निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया।

See also  छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग की नवीन पहल, अब मोबाइल से भी अपीलार्थी सुनवाई में जुड़ सकेंगे...

निर्धारित समयसीमा के भीतर माना स्थित किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष आरोपपत्र भी प्रस्तुत किया गया। जांच में ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रभाव, संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों और चरमपंथी प्रचार सामग्री के कथित प्रसार पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, इस मामले में दोनों नाबालिगों द्वारा किसी आतंकवादी हमले को अंजाम दिए जाने की बात सामने नहीं आई है।

दूसरी बार केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित होंगी राजश्री

राजश्री मिश्रा को दूसरी बार केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए चुना जाना उनके पेशेवर कौशल, नेतृत्व क्षमता और खुफिया जांच में उत्कृष्ट कार्य का महत्वपूर्ण सम्मान माना जा रहा है। आतंकवाद निरोधक जांच जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में तकनीकी सूचनाओं का विश्लेषण, संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। राजश्री मिश्रा के नेतृत्व में एटीएस की टीम ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया।

See also  जांजगीर चांपा विधानसभा सीट के लिए सरखों के वरिष्ठ कांग्रेसी लोचन साव ने पेश की दावेदारी...

डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के बीच ऑनलाइन कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान करना और कानून के दायरे में रहकर प्रभावी कार्रवाई करना राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम है।

राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी हो चुकी हैं सम्मानित

राजश्री मिश्रा को इससे पहले प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक मिल चुका है। इसके अलावा जनवरी 2026 में उन्हें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया था। अब एक बार फिर केंद्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित होने से उनके खाते में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है।

लगातार मिल रहे राष्ट्रीय सम्मानों से छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यक्षमता और प्रदेश में आतंकवाद निरोधक खुफिया तंत्र की भूमिका को भी पहचान मिली है। राजश्री मिश्रा की यह उपलब्धि प्रदेश की पुलिस सेवा के लिए गौरव का विषय है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!