खराब चावल खरीदी मामलें में कोरबा जिला प्रबंधक पर गिरी गाज, जिला प्रबंधक पद से हटाकर कोरिया जिले में कर दिया गया अधीनस्थ

जांजगीर-चांपा । नागरिक आपूर्ति निगम कोरबा में खराब चावल खरीदी प्रकरण में एक नया मोड़ आ गया है। जानकारी के अनुसार कोरबा जिला प्रबंधक प्रमोद जांगड़े को जिला प्रबंधक पद से हटाकर कोरिया में अधीनस्थ कर दिया गया है इस प्रकार भ्रष्टाचार और शासन के नियमों की अवहेलना पर यह विभाग की बड़ी कार्यवाही मानी जा सकती है परंतु अभी भी यह मामले की लीपा पोती ही करने का प्रयास लग रहा है क्योंकि इस पूरे मामले की सूत्रधार और मास्टरमाइंड बेमेतरा जिला प्रबंधक सुश्री अलका शुक्ला एवं इस भ्रष्टाचार में शामिल मुख्यालय के एक उपार्जन प्रभारी अधिकारी पर कोई कार्यवाही ना करते उन्हें संरक्षण प्रदान किया जाना प्रतीत होता है। जबकि जिला प्रबंधक कोरबा प्रमोद जांगड़े के द्वारा अपने पत्र में कई अधिकारियों और की गई जांच पर कई संगीन आरोप भी लगाए थे परंतु उस पर कोई ठोस कार्यवाही ना करते हुए केवल खानापूर्ति की कार्यवाही की जा रही है। विभाग इस मामले को दबाने की भरपूर कोशिश कर रही है इसके साथ ही आधी अधूरी जाँच के आधार पर कोरबा के 5 स्टैक के चावल को सही बताकर पीडीएस में बाँटने का आदेश भी दे दिया है जो की कई सवाल खड़े करता है की एक अशासकीय व्यक्ति के द्वारा खरीदा चावल आख़िर कैसे मानक गुणवत्ता का हो सकता है ? क्या किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य तकनीकी कर्मचारी जो केंद्र में उपस्थित ही नहीं था की आईडी का दुरुपयोग कर लिया गया चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली में नियमानुसार बांटा जा सकता है ? जिला प्रबंधक बेमेतरा द्वारा मनमाने तरीके से महेश्वर लाल सोनवानी की आईडी ट्रांसफर करना बिना किसी आदेश के स्वयं को सरकार के नीति नियमों से ऊपर दिखाने की साजिश नहीं है ? जिला प्रबंधक के पत्रानुसार जांच में गए दो ए जी एम स्तर के अधिकारियों द्वारा होटल में लक्ज़री कमरा बुक करवाना, साड़ी दुकान में जिला प्रबंधक कोरबा द्वारा खरीदी करवाना क्या किसी बड़े भ्रष्टाचार की और इशारा नहीं करता है?




