जांजगीर-चांपा जिले में आठवीं तक की मान्यता लेकर नियम विरुद्ध 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन कर रहे कई स्कूल संचालक, निजी स्कूल संचालकों की सेटिंग का खेल खत्म करने में जिला शिक्षा अधिकारी नाकाम…
आठवीं तक की मान्यता लेकर कर रहे बारहवीं तक की कक्षाओं का संचालन। मान्यता से अधिक कक्षाएं लगाकर छात्रों के भविष्य से कर रहे खिलवाड़।

जांजगीर-चांपा । शिक्षा विभाग ने भले ही मान्यता प्रास्त स्कूलों की सूची जारी कर रखी हो लेकिन, उसी सूची में दर्जनों स्कूल ऐसे हैं, जो अटैचमेंट के साथचल रहे हैं। इनमें आठवीं तक की मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या ज्यादा है, जो किसी न किसी स्कूल के साथ अटैचमेंट करके दसवीं और बारहवीं तक के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। दरअसल, जिले में संचालित कई निजी स्कूलों में मान्यता से अधिक कक्षाएं लगाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, छठवीं कक्षा कीमान्यता वाले कई स्कूलों में आठवीं कक्षा और आठवीं कक्षा की मान्यता वाले कई स्कूलों में दसवीं-बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं । ऐसे छात्रों का नाम किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में लिखा दिया जाता है और इसके एवज में संबंधित स्कूल संचालक को एक निश्चित राशि दे दी जाती है। जबकि, बिना मान्यता कक्षाएं संचालित करने वाले निजी स्कूलों के संचालक, छात्रों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इससे मान्यता प्राप्त स्कूलों को भारी नुकसान हो रहा है तो वहीं शासन के नियम-कायदों की खुलकर धज्जियां उड़ रही है। बता
दें कि कुछ वर्ष पहले शिक्षा विभाग ने गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर लगाम कसने के लिए बेहतर तरीके से जांच करने के निर्देश दिए थे। मगर, शिक्षा विभाग यहां निजी स्कूल संचालकों की सेटिंग का खेल खत्म करने में नाकाम साबित हुआ।नवागढ़ विकासखंड में हैं ऐसे कई स्कूल जिले के नवागढ़ विकासखंड में ऐसे कई निजी स्कूल संचालित हैं, जिनकी मान्यता तो आठवीं तक है, लेकिन वहां कक्षाएं दसवी-बारहवीं तक संचालित होती हैं। ऐसे स्कूल भी गैर मान्यता प्राप्त श्रेणी में आते हैं,लेकिन शिक्षा विभाग इनकी अनदेखी कर रहा है। निजी शिक्षण संघ भी ऐसे स्कृूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की कई दफा मांग कर
चुका है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौन साध रखा है। कार्रवाई होने से पहले मिल जाती है सूचनामान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित करने वालों ने जगह-जगह पंपलेट लगा रखे हैं, जिनमें सुविधाओं सहित विषय विशेषज्ञों द्वारा अध्यापन के दावे कर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को गुमराह किया रहा है। बताया जाता है कि मान्यता प्राप्त स्कूलों
के संचालकों द्वारा शिकायत करने पर कार्रवाई होने से पहले ही अटैचमेंट वालों को सूचना मिल जाती है,जिससे कुछ दिनों के लिए कक्षाएं संचालित करना बंद कर देते हैं या किसी दूसरे स्थान पर पढ़ाई कराने लगते हैं।



