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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

रबी फसल के लिए पानी नही मिलने पर बम्हनीडीह-बिर्रा क्षेत्र के किसान होंगे आंदोलन के लिए बाध्य, सैकड़ों किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, सीएम के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन…

जांजगीर-चांपा। शुक्रवार 6 दिसंबर 24 को बम्हनीडीह-बिर्रा क्षेत्र के 400 से भी अधिक किसानो ने जिला पंचायत सभापति गगन जयपुरिया के नेतृत्व में कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और कलेक्ट्रेट से पद यात्रा करते हुए जल संसाधन विभाग का घेराव किया और जमकर नारेबाज़ी की। किसानो का कहना है कि दिनांक 26 नवम्बर 24 को संपन्न हुई “जिला जल उपयोगिता समिति” जांजगीर- चाम्पा की बैठक में निर्णय लिया गया है कि चाम्पा शाखा नहर के अंतर्गत आने वाले बम्हनीडीह-बिर्रा क्षेत्र के किसानो को रबी फसल के लिये पानी नहीं दिया जायेगा। पिछले तीन वर्षो से नहर मरम्मत का हवाला देकर रबी फसल के लिये बम्हनीडीह-बिर्रा क्षेत्र में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे 5000 हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्रो में किसान अपने खेतो की बुवाई नहीं कर पा रहे है। वही इसी जिले के अन्य क्षेत्रो में प्रत्येक वर्ष रबी फसल के लिये लगातार पानी दिया जा रहा है।

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गगन जयपुरिया ने कहा कि जांजगीर-चाम्पा जिला पूर्णतः कृषि प्रधान जिला है। रबी फसल किसानो के आर्थिक विकास के साथ साथ खेतो में काम करने वाले हजारो मजदूरो की रोजी-रोटी का भी साधन है। फसल नही होने से वही मजदूर पलायन के लिये विवश होते है। रबी फसल और पलायन का चोली दामन का नाता है यदि फसल नही होगी तो सीमांत किसान और मजदूर पलायन के लिये विवश होते है और पलायन से उनका पूरा परिवार उजड़ जाता है। बच्चो की पढाई छूट जाती है, घर छुट जाता है, खेत गिरवी रखा जाता है गाँव में नहीं रहने से शासकीय योजनाओ से मिलने वाले चावल से लेकर आवश्यक सारी अन्य सहायता भी छुट जाती है। हमने यह भी देखा है कि दुसरे प्रदेश में जाकर काम करने वाले बहुत सारे मजदूर बंधक बन जाते है और सालो-साल वो अपने घर लौट नही पाते।

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जांजगीर-चाम्पा जिला मुख्यतः किसानों का जिला है, यहाँ के लोगों के पास कृषि के अतिरिक्त आय का और कोई मुख्य स्रोत नहीं है सभी लोग कृषि पर ही निर्भर है। पिछले वर्ष भी जब रबी फसल के लिये पानी माँगा गया था तब जिला प्रशासन द्वारा यह कहा गया था कि अगले वर्ष निश्चित रूप से पानी दिया जायेगा। अब फिर इस वर्ष पानी मांगने पर फिर से अगली बार का आश्वासन दिया जा रहा है। क्षेत्र के किसान इन सब बातों को देखते हुए अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे है।

किसानों ने कहा है कि यदि प्रशासन तीन दिनों में पानी देने की सूचना नहीं जारी करती है तो हम फिर चक्का जाम अथवा अन्य आन्दोलन करने के लिये विवश होंगे। कलेक्ट्रेट और जल संसाधन के कार्यालय में तालदेवरी, बोरसी, गतवा, सेमरिया, बंसुला, नकटीडीह तथा कपिस्दा आदि ग्राम के किसान उपस्थित थे।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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