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ग्राम पंचायत तुषार में 16 लाख के तटबंध निर्माण में भारी भ्रष्टाचार उजागर, मनरेगा कार्य में गड़बड़ी के आरोप

सक्ति। जिले के जैजैपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत तुषार में मनरेगा योजना के तहत लगभग 16 लाख रुपये की लागत से चल रहे तटबंध निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी, सामग्री में हेराफेरी तथा फर्जी मजदूरी भुगतान जैसी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, तालाब के तटबंध निर्माण कार्य में जहां गिट्टी, सीमेंट और रेत का उपयोग होना था, वहां सरपंच प्रमोद चंद्रा द्वारा बड़े-बड़े पत्थरों का उपयोग कर ऊपर से मसाला डालकर छिपाने का प्रयास किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के शुरुआती चरण में ही अनियमितताएं खुलकर सामने आने लगीं, जिससे पूरे निर्माण कार्य की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।

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मॉनिटरिंग व्यवस्था पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में जनपद पंचायत की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण कार्य की निगरानी के लिए जिम्मेदार तकनीकी सहायक हर्ष जैन की लापरवाही सामने आई है। जनपद मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम में इस प्रकार का भ्रष्टाचार होना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि निगरानी व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है।

मजदूरी भुगतान में भी फर्जीवाड़े की आशंका

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ग्रामीणों और मजदूरों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में फर्जी हाजरी चढ़ाकर राशि निकालने की तैयारी की जा रही थी। जिन लोगों ने कार्य नहीं किया, उनके नाम पर मस्टर रोल तैयार कर भुगतान करने की योजना बनाई जा रही थी। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मनरेगा योजना में बड़े स्तर के घोटाले का संकेत हो सकता है।

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ग्रामीणों में आक्रोश, अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के निर्माण कार्यों में अक्सर कमीशनखोरी का खेल चलता है, जिसमें जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल रहते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद कई मामलों में कार्रवाई नहीं होती और लेनदेन के बाद प्रकरण दबा दिए जाते हैं।

कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल

मामला सामने आने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त जांच नहीं हुई तो इस तरह की अनियमितताएं लगातार जारी रहेंगी। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर मामला औपचारिक जांच तक सीमित रह जाता है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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