छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
केएसके महानदी पावर कम्पनी लिमिटेड के मजदूरों के वेतन वृद्धि और सुविधाओं की मांग जल्द पूरी हो – एचएमएस यूनियन…

केएसके महानदी पावर कंपनी लिमिटेड के प्रावधानों के संबंध में पेंशन और सुविधाओं की मांग पूरी तरह से हो – एचएमएस यूनियन
अकलतरा। जांजगीर चंपा जिले के अकलतरा तहसील के तहत नरियारा में स्थापित के महानदी पावर कंपनी लिमिटेड नरियारा में कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि और अन्य सुविधाओं में वृद्धि, बोनस, बीमा, स्कूल, अस्पताल सहित अन्य हितलाभों के संदर्भ में छत्तीसगढ़ बिजली मजदूर संघ ( एचएमएस) यूनियन ने जिला प्रशासन और प्रबंधकों को मांग पत्र जारी किया है, कारखाना प्रबंधन द्वारा अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे कर्मचारियो में रोष व्याप्त है। इसी संदर्भ में एचएमएस यूनियन द्वारा लगातार पिछले 2 हफ़्तों में कर्मचारियों की एकता बैठक की जा रही है, जिनमें से कुछ आवश्यक आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।
ठेक भिन्न की स्थिति दयनीय- शेरसिंह राय
एचएमएस यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष शेरसिंह राय ने बताया कि ठेका कर्मचारियों के साथ ठेकदारों के मनमानी की जा रही है। उनका ठेला खत्म होने पर उन इस्तीफा पत्र भर दिया जाता है ताकि उनके ऊपर मानसिक दबाव बनाया जा सके और अंतिम भुगतान की राशि में कटौती कर सकें, कोई भी जिम्मेदारी श्रम कानून में निर्धारित समय के तहत वेतन भुगतान नहीं करता है। कर्मचारियों से बातचीत करने पर यह पता चलता है कि कई सब्सक्राइबर बोनस, अनायास अवकाश, आकस्मिक अवकाश, वेतन निर्धारित हाजिरी कार्ड तक नहीं दे रहे हैं। ज्यादातर ठेका कंपनी की मनमानी चरम सीमाओं पर कई बार इन ठेकदारों के खिलाफ शिकायत की जा रही है शर्मिंदगी स्थिति में सुधार नहीं आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में हमारे संगठन द्वारा जल्द ही ठोस कदम उठाया जाएगा। जिसके कई विकल्प खुले हैं,
क्षेत्रवासियों के साथ इतना बड़ा अस्पताल अस्पताल नहीं बन सकता – बलराम गोस्वामी
फैक्ट्री के निर्माण से लेकर उत्पादन तक में अपना सहयोग करने वाले क्षेत्रवासी और कर्मचारियों को फैक्ट्री प्रबंधन के सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं से अभी तक विनय किया जा रहा है जो कारण गलत है। आज फैक्ट्री में विगत 8 साल से बिजली का उत्पादन हो रहा है, और लगभग 1500-1600 का छवि बिजली अन्य प्रदेशों को नीलाम किया जा रहा है, फिर भी स्कूल अस्पताल के निर्माण में अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो रही है, जिससे क्षेत्रवासी एवं कर्मचारी अपनी आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। आगे विस्तार से जानकारी देते हुए श्रमिक नेता बलराम गोस्वामी ने बताया कि, आज बहुत सीमा पर है। स्कूल अस्पताल के खर्च का वह करने में वेतन का बड़ा हिस्सा चला जाता है, इससे कर्मचारियों की अपनी जिम्मेदारी लापरवाही में सामने आ रही है। इसलिए जिला प्रशासन और कारखाने के प्रबंधन से अपील है कि कोई वैकल्पिक व्यवस्था करें और जल्द से जल्द स्कूल अस्पताल का निर्माण कराएं ताकि क्षेत्रवासियों और कर्मचारियों को राहत मिल सके।



