टब में छिपाकर हो रही थी गांजा तस्करी, पुलिस भी रह गई हैरान; 36 लाख की खेप के साथ नाबालिग समेत 5 गिरफ्तार

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बेहद शातिर और अनोखा तरीका अपनाया था। तस्करों ने प्लास्टिक के टबों को काटकर उनके भीतर गुप्त चेंबर तैयार किए और उन्हीं में गांजे की बड़ी खेप छिपाकर ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर ओडिशा से गांजे की खेप लेकर मध्यप्रदेश की ओर रवाना हुए हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता है। सबसे आगे और सबसे पीछे चल रही बाइकों पर सवार युवक रास्ते पर नजर रखते थे, जबकि बीच की बाइकों पर गांजा छिपाकर ले जाया जाता था। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही सभी मोटरसाइकिलों पर मध्यप्रदेश की नंबर प्लेट लगी हुई थी।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बालोद पुलिस की टीम ने डौंडी लोहारा क्षेत्र के भेड़ी तिराहा में घेराबंदी कर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान जैसे ही संदिग्ध बाइक सवार पुलिस चेकिंग प्वाइंट के पास पहुंचे, पुलिस को देखकर एक युवक बाइक से कूदकर जंगल की ओर भाग निकला। हालांकि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अन्य चार मोटरसाइकिलों को रोक लिया और उनके सवारों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने खुद को मध्यप्रदेश के रायसेन और सागर जिलों का निवासी बताया। पुलिस ने जब मोटरसाइकिलों पर रखे बड़े-बड़े काले रंग के प्लास्टिक टबों की तलाशी ली, तो सभी हैरान रह गए। तस्करों ने टबों के निचले हिस्से को काटकर उसके भीतर गुप्त बॉक्स बना रखा था। ऊपर से सामान्य टब रख दिए गए थे ताकि किसी को संदेह न हो। इन सीक्रेट चेंबरों में गांजे के पैकेट बड़ी चालाकी से छिपाकर रखे गए थे।
पुलिस ने तलाशी के दौरान टबों से कुल 72.621 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 36 लाख 31 हजार 50 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ख) के तहत अपराध दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है।
गिरफ्तार आरोपी:
श्याम गोड़ (26 वर्ष), ग्राम टपराटोला, जिला रायसेन (मप्र)
पवन गोड़ (26 वर्ष), राहतगढ़, जिला सागर (मप्र)
प्रदीप चौहान (20 वर्ष), ग्राम टपरापठारी, जिला रायसेन (मप्र)
संजय कुमावत (20 वर्ष), ग्राम टपरापठारी, जिला रायसेन (मप्र)
एक नाबालिग आरोपी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय हो सकता है और इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका है। मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सके।
बालोद पुलिस की इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं, इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि तस्कर कानून से बचने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता के सामने उनकी चालाकी ज्यादा देर तक नहीं टिक पा रही है।



