Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-28 at 09.42.10
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

पूर्व DDP के बहनोई और जिला पंचायत सदस्य की भाई पर युवक को बंधक बनाकर मारपीट का आरोप, थाना में FIR दर्ज

जांजगीर-चांपा। जिले में जिला पंचायत परिसर में संचालित जिला पंचायत संसाधन केंद्र एक बार फिर विवादों में आ गया है। जिला पंचायत में पूर्व में पदस्थ उपसंचालक अभिमन्यु साहू के बहनोई,जिला पंचायत सदस्य आशा साव के भाई एवं मैसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर एजेंसी संचालक गजेंद्र सिंह राठौर पर अपने साथी विकास सिंह के साथ मिलकर युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद सरकारी भवन में अनाधिकृत रूप से लोगों के ठहरने और वहां चल रही गतिविधियों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
जानकारी के मुताबिक पीड़ित राजा लाला उपाध्याय, गजेंद्र सिंह राठौर की ट्रैक्टर एजेंसी में कार्यरत था। आरोप है कि गजेंद्र सिंह राठौर और विकास सिंह ने उसे जिला पंचायत संसाधन केंद्र के कमरे में पूरी रात बंधक बनाकर मारपीट की। युवक के परिजन रातभर उसकी तलाश करते रहे। सुबह मोबाइल लोकेशन ट्रेस करते हुए परिजन डीपीआरसी भवन पहुंचे, जहां ताला बंद कमरे के भीतर राजा लाला उपाध्याय खून से लथपथ हालत में मिला। इसके बाद परिजन तत्काल थाना पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए फोन कर समझौते का दबाव बनाया गया। बताया गया कि जिला पंचायत सदस्य सुश्री आशा साव ने पीड़ित के परिजनों से फोन पर कहा कि आरोपी गजेंद्र सिंह राठौर उनके भाई हैं और पूर्व डीडीपी अभिमन्यु साहू के बहनोई हैं, इसलिए मामला रफा-दफा कर दिया जाए और पुलिस में जाने से कोई फायदा नहीं होगा। इसके बावजूद पीड़ित परिवार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर लिया।
सरकारी भवन में संचालित होती थी शराबखोरी और अन्य अनैतिक गतिविधियां
सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि मैसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर एजेंसी संचालक गजेंद्र सिंह राठौर पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जिला पंचायत संसाधन केंद्र के सरकारी भवन में अनाधिकृत रूप से रह रहा था। आरोप यह भी है कि सरकारी भवन में शराबखोरी और अन्य अनैतिक गतिविधियां संचालित होती थीं। इससे पहले भी इसी भवन को लेकर एक सहायक संचालक पर नौकरी का झांसा देकर युवती के शोषण का गंभीर मामला सामने आ चुका है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिला पंचायत संसाधन केंद्र जैसे सरकारी भवन में बाहरी व्यक्ति को इतने लंबे समय तक रहने की अनुमति किसके संरक्षण में मिली? पूरे मामले ने जिला पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और संरक्षण देने वालों पर बड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इधर पुलिस ने अब मामले में आरोपी की तलाश जारी कर दिए और कहा कि जल्द सम्बंधित को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

See also  राज्योत्सव-2024 में विभिन्न अलंकरणों से सम्मानित होने वाले विभूतियों के नाम हुए घोषित, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे 36 विभूतियों को सम्मानित...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!