CG News: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब कुत्तों पर भी रहेगी नजर, हर महीने देनी होगी ऑनलाइन रिपोर्ट

Chhattisgarh School Safety Order छत्तीसगढ़ स्कूल सुरक्षा आदेश के तहत राज्य सरकार ने सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी हर महीने ऑनलाइन दर्ज करें। इसका उद्देश्य स्कूल परिसर और आसपास बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।
छत्तीसगढ़ स्कूल सुरक्षा आदेश के अनुसार अब सभी संबंधित अधिकारियों को एसएएमआईएस (Stray Animal Monitoring and Information System) पोर्टल पर नियमित रूप से जानकारी अपलोड करनी होगी। इस रिपोर्ट में स्कूल परिसर और उसके आसपास आवारा कुत्तों की स्थिति, सुरक्षा इंतजाम और निगरानी व्यवस्था का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा।शिक्षा विभाग का मानना है कि नियमित निगरानी से समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे और किसी भी संभावित खतरे को कम किया जा सकेगा।
इन बिंदुओं की देनी होगी जानकारी
छत्तीसगढ़ स्कूल सुरक्षा आदेश के तहत अधिकारियों को यह बताना होगा कि स्कूल परिसर या उसके आसपास कितने आवारा कुत्ते दिखाई देते हैं। इसके अलावा यह भी दर्ज करना होगा कि स्कूल में बाउंड्रीवॉल और मुख्य गेट की व्यवस्था है या नहीं।रिपोर्ट में यह जानकारी भी शामिल करनी होगी कि स्कूल में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए किस अधिकारी या कर्मचारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इससे जिम्मेदारी तय होगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करना आसान होगा।
बच्चों की सुरक्षा को मिलेगी प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ स्कूल सुरक्षा आदेश का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है। स्कूल आने-जाने और परिसर में रहने के दौरान बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग ने निगरानी व्यवस्था को नियमित करने का फैसला लिया है।शिक्षा विभाग का मानना है कि सभी स्कूलों से हर महीने मिलने वाली जानकारी के आधार पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग जरूरत के अनुसार कार्रवाई कर सकेंगे।
DEO और BEO की बढ़ी जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ स्कूल सुरक्षा आदेश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी स्कूल समय पर सही जानकारी एसएएमआईएस पोर्टल पर दर्ज करें।विभाग का उद्देश्य केवल रिपोर्ट तैयार करना नहीं, बल्कि स्कूल परिसरों को बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित बनाना है। नियमित मॉनिटरिंग से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा होती रहेगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।



