छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर
जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराने का हरसंभव प्रयास ने कमल साव “कका” को बनाया लोकप्रिय, क्षेत्र क्रमांक-एक से जिला पंचायत सदस्य के लिए ‘कका’ की मजबूत दावेदारी…
जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराने का हरसंभव प्रयास ने कमल साव "कका" को बनाया लोकप्रिय, क्षेत्र क्रमांक-एक से जिला पंचायत सदस्य के लिए ‘कका’ की मजबूत दावेदारी।

जांजगीर-चांपा। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-एक से प्रबल दावेदार के रूप में कमल साव ‘कका’ का नाम उभर कर सामने आया है। चूंकि, इनकी धर्मपत्नी श्रीमती कुसुम कमल साव वर्तमान में इसी क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं और गांव-गांव में लोगों के बीच लगातार पहुंच कर जनहित से जुड़े कार्यों को अंजाम दे चुकी हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से कमल साव ‘कका’ को जिला पंचायत चुनाव के दौरान भरपूर जनसमर्थन मिलने की चर्चा है।
गौरतलब है कि जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-एक से वैसे तो दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है परन्तु, उनमें कमल साव ‘कका’ का नाम सबसे ऊपरी क्रम में है, जिसकी कई वजह है। पहली वजह तो यह है कि इनकी पत्नी श्रीमती कुसुम कमल साव वर्तमान में इसी क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं, जो अपने कार्यों को लेकर जन-जन के बीच काफी लोकप्रिय हैं। वहीं दूसरी वजह यह है कि क्षेत्र क्रमांक-एक से इस बार दावेदारी कर रहे कमल साव ‘कका’ वर्तमान में किसान कांगे्रस के जिला अध्यक्ष है, जो किसान हित के लिए मैदान में उतर कर लगातार लड़ाई लड़ते रहे हैं। इनके अलावा और भी कई ऐसे कारण हैं, जो कमल साव ‘कका’ की दावेदारी को मजबूत कर रहे हैं। चूंकि, कमल साव ‘कका’ के पिता लोचन साव वर्तमान में ग्राम पंचायत सरखों के सरपंच हैं, जो इसी ग्राम पंचायत से छह बार सरपंच निर्वाचित होने का रिकार्ड कायम कर चुके हैं। इसके साथ ही वे वर्तमान में सरपंच संघ नवागढ़ के अध्यक्ष पद का दायित्व भी निभा रहे हैं। यहां बताना लाजिमी होगा कि जिला मुख्यालय जांजगीर के समीपस्थ ग्राम सरखों निवासी कमल साव ‘कका’ ने वर्ष 2019 में जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-एक से अपनी पत्नी श्रीमती कुसुम कमल साव को पहली बार चुनाव मैदान में उतारा था। इस चुनाव में लोगों ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया और वे सर्वाधिक मतों से विजयी बने। जिला पंचायत की सक्रिय सदस्य के रूप में क्षेत्र में लोकप्रियता हासिल करने वाली कुसुम कमल साव ने अपने पति कमल साव ‘कका’ की अगुवाई में विगत विधानसभा चुनाव के दौरान जांजगीर-चांपा सीट पर अपनी मजबूत दावेदारी भी पेश की थी। हालांकि, विधानसभा चुनाव में इन्हें टिकट नहीं मिली, इसके बावजूद इन्होंने शासन-प्रशासन के सहयोग से अपने निर्वाचन क्षेत्र में जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराने का हरसंभव प्रयास किया। इस वजह से जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-एक में कमल साव ‘कका’ काफी लोकप्रिय हो चुके हैं।
सबके सुख-दुख में शामिल होने का प्रयास
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-एक से प्रबल दावेदार कमल साव ‘कका’ ने लगातार पांच वर्ष पूरे क्षेत्र में भ्रमण किया है। वे अपनी पत्नी श्रीमती कुसुम कमल साव के साथ, सबके सुख-दुख में शामिल होने का प्रयास भी करते रहे हैं, जिसका परिणाम कमल साव ‘कका’ को मिलेगा और वे निश्चित रूप से क्षेत्र क्रमांक-एक के जिला पंचायत सदस्य के रूप में विकास कार्यों को अलग पहचान देंगे। ऐसा माना जा रहा है कि कमल साव ‘कका’ के जिला पंचायत सदस्य बनने से क्षेत्र में पुनः विकास की गंगा बहेगी।
सभी गांवों में प्रदान करवाया पानी टैंकर
किसान नेता कमल साव ‘कका’ ने अपनी पत्नी श्रीमती कुसुम कमल साव की जिला पंचायत सदस्य निधि से क्षेत्र क्रमांक-एक के लगभग सभी गावों में पानी टैंकर प्रदान करवाया है। इसके साथ ही इन्होंने ग्राम पंचायत सरखों को जिला पंचायत सदस्य मद से एक एंबुलेंस भी दिलवाया है। किसानों को हो रही समस्याओं के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले कमल साव ‘कका’ ने जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-एक के सभी गांवों में संचालित स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन के लिए प्लेट भी वितरण करवाया है। इसके साथ ही धान उपार्जन केन्द्रों में हैण्डपंप की स्थापना एवं जिला पंचायत के 15वें वित्त आयोग मद से ग्राम सरखों, सिवनी, बनारी, पेंड्री, धुरकोट, सेमरा, अमोरा, अमोदा, खोखरा, पीथमपुर सहित अन्य कई गांवों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई है।



