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बद्रीनाथ के बर्फीले पहाड़ों पर बागेश्वर सरकार की महा-तपस्या: 11 दिवसीय अखंड साधना में लीन हुए धीरेंद्र शास्त्री

बद्रीनाथ/उत्तराखंड: देशभर में अपने चमत्कारों और कथाओं के लिए विख्यात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध और पावन धाम बद्रीनाथ के बर्फीले पर्वतों के बीच एक अत्यंत कठिन और ११ दिवसीय अखंड “बद्रीनाथ एकात्म साधना” (Himalayan Austere Meditation) में लीन हैं। हाड़ कंपा देने वाली इस कड़ाके की ठंड और ऊंचे शिखरों पर बागेश्वर महाराज की यह तपस्या आध्यात्मिक जागृति, अपार मानसिक एकाग्रता और सांसारिक बंधनों से मुक्ति (मोक्ष) की दिशा में एक विशेष कदम मानी जा रही है। इसी साधना के बीच बद्रीनाथ धाम से महाराज की कुछ बेहद दुर्लभ और तेजस्वी तस्वीरें सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

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भगवान विष्णु और हिमालय की दिव्य चेतना की आराधना (Spiritual Solitude Retreat)

बद्रीनाथ की शांत और अलौकिक वादियों में चल रही इस Spiritual Solitude Retreat (आध्यात्मिक एकांतवास) के माध्यम से बागेश्वर सरकार सृष्टि के पालनहार भगवान बद्रीविशाल (विष्णु जी) की गहन आराधना कर रहे हैं। धाम के जानकारों का कहना है कि हिमालय की कंदराओं और पवित्र स्थलों पर की जाने वाली ऐसी उच्च स्तरीय साधनाएं केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याण, वैश्विक शांति और मानव उत्थान के नेक उद्देश्य से प्रेरित होती हैं। इस 11 दिवसीय अखंड व्रत और ध्यान के दौरान महाराज का तेजस्वी स्वरूप श्रद्धालुओं को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

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भारतीय सेना के जवानों के साथ आत्मीय संवाद (Armed Forces Interaction)

इस कठिन तपस्या के बीच बद्रीनाथ की बर्फीली वादियों से एक बेहद भावुक कर देने वाला दृश्य भी सामने आया है। साधना के दौरान जब बागेश्वर सरकार कुछ समय के लिए अपनी कुटिया से बाहर निकले, तो वहां देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात भारतीय सेना के जवान मौजूद थे। महाराज ने बिना समय गंवाए जवानों के पास पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया और उनके कुशल-क्षेम की जानकारी ली। इस Armed Forces Interaction (सशस्त्र बल संवाद) के दौरान महाराज ने देश के इन वीर सपूतों के साहस और जज्बे की जमकर सराहना की और उन्हें अपनी शुभकामनाएं व आशीर्वाद प्रदान किया।

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श्रद्धालुओं में भारी उत्सुकता और श्रद्धा (Divine Enlightenment Tapasya)

आमतौर पर लाखों की भीड़ और भक्तों से घिरे रहने वाले बागेश्वर सरकार का यह एकांत और शांत रूप उनके भक्तों के लिए बिल्कुल नया है। कड़कड़ाती ठंड और बर्फबारी के बीच उनकी इस Divine Enlightenment Tapasya (दैवीय ज्ञान तपस्या) को देखकर कलयुग में सनातन धर्म की प्राचीन ऋषि-मुनि परंपरा की यादें ताजा हो गई हैं। धाम के तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय प्रशासन द्वारा भी महाराज की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है, ताकि उनकी इस अखंड साधना में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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