Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

धर्म-कर्म ! जय हनुमान ज्ञान गुन सागर… राम-जानकी के साक्षात दर्शन करने साक्षात् खड़े हुए हैं, पंचमुखी हनुमानजी…

धर्म-कर्म ! जय हनुमान ज्ञान गुन सागर

राम-जानकी के साक्षात दर्शन करने साक्षात् खड़े हुए हैं, पंचमुखी हनुमानजी

जांजगीर-चांपा। कोसा,कांसा एवं कंचन की नगरी स्थित परशुराम मार्ग पर सोनी कालोनी, चांपा में पंचमुखी हनुमान जी का बहुत ही सुन्दर मंदिर हैं। इस मंंदिर में दक्षिणमुखी पंचमुखी हनुमान जी की आदमकद मूर्ति स्थापित हैं।कालांतर में मंगल-भवन निर्माण के बाद राम दरबार, विध्न विनाशक गणेश जी और साई बाबा की मूर्तियां भी प्रतिष्ठापित की गई हैं। स्थापित सभी सभी मूर्तियां दर्शनीय हैं। यहां पंचमुखी हनुमानजी की मूर्ति दक्षिण दिशा में कुछ झुकी हुई पाएंगे। इसके ठीक सामने राम-दरबार की प्रतिमा स्थापित हैं। ऐसा लगता हैं कि हनुमानजी के नेत्र श्री राम-लक्ष्मण और सीताजी का रूप अन्वेषण करने में लगे हैं। इस मंदिर और मंगल भवन का निर्माण आज से दस वर्ष पूर्व यानि कि 25 अप्रैल , 2013 को पूर्ण कर लिया गया और विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुआ। नगर के समाजसेवी श्रीयुत अमरनाथ सोनी जी ने अपने पूज्य पिताश्री दादूराम-गणेशी बाई की पावन स्मृति में दक्षिण दिशा में मंदिर का निर्माण कर प्रतिमा प्रतिष्ठापित कर शिलालेख पर अपना नाम अंकित करा लिया हैं। इस मंदिर में प्रवेश करते ही आपको राम के दर्शन करने साक्षात् खड़े हुए हनुमान जी दिखाई देगें। सोनी कालोनी मार्ग में “कृष्ण कृपा ” नाम से शशिभूषण सोनी भी निवास करते हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर हनुमानजी की पंचमुख स्वरूप में विग्रह स्थापित मूर्ति भव्य एवं दर्शनीय हैं। माना जाता हैं कि हनुमानजी ने अहिरावण और महिरावण का वध करने के लिए पंचमुख रुप धारण किया था। प्रभु हनुमानजी के इस रुप का दर्शन मात्र से सारे दुःख,सारे संकट और बंधन दूर हो जाते हैं सोनी कालोनी स्थित दक्षिणमुखी हनुमान जी की ख्याति बढ़ती जा रही हैं। पहले लोग पर्व और त्यौहार पर ही दर्शन-पूजन करने के लिए आते थे लेकिन आजकल हर रोज श्रद्धा और प्रभु के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए चले आते हैं। हनुमान जन्मोंत्सव के पावन पर्व पर हनुमानजी को नारियल और रोठ- प्रसाद चढ़ावें के साथ हनुमान चालीसा, बजरंग बाण का पाठ करने अत्यधिक संख्या में पहुंचेंगे। सोनी जी ने बताया कि पंचमुखी मूर्ति के नीचें एक छोटे-से बाल हनुमानजी की मूर्ति में भी चंदन, बंधन, सिंदूर और चमेली के तेल से अभिषेक करने का पुण्य श्रदधालु भक्तो‌ंं को मिलेगा साथ ही हनुमानजी की स्तुति करने का अवसर भी प्राप्त होगा।

See also  ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बनारी में दो दिवसीय आधार कैंप...

पवन तनय संकट हरण मंगल मूर्ति रुप !
राम-लखन सीता सहित त एक दिवस और सुर भूप !!

मंदिर में प्रतिदिन भक्ति-भाव से दर्शन करने वाले देवेद्र शर्मा, धीरज कुमार,राजेश, कोमल सोनी और सुशील कुमार कुमार शर्मा ने बताया कि जिस प्रकार श्रावण-मास में भगवान शिव का विशेष महत्व है उसी प्रकार चैत्र मास के स्नान दान पूर्णिमा हनुमान प्रकटोंत्सव हनुमानजी को अत्यंत प्रिय हैं। इस अवसर पर उनकी पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व हैं। मंदिर के पास रहने वाले डांक्टर शांति सोनी ने कहा कि इस कालोनी में निवास करने वाले लोगों के लिए यह मंदिर श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गया हैं। सच्चें हदय से दर्शन करने से भक्तों की मनोकामना अवश्य पूर्ण होती हैं।कवि और गजलकार घनश्याम शर्मा ने बताया कि हनुमानजी को संकटमोचक कहा जाता हैं यह शिवजी के ग्यारह रुद्र अवतारों में से एक हैं। ऐसा माना जाता हैं कि हनुमानजी कलयुग में साक्षात विराजमान हैं, पुनः कोरोना का विकराल रुप दृष्टिगोचर हो रहा हैं, वही मुक्त करवायेगें और भक्तों की पुकार को जरूर सुनेंगे। पूर्व पार्षद शशिप्रभा सोनी ने कहा कि सोनी कालोनी स्थित दक्षिणमुखी पंचमुखी हनुमान मंदिर आज जन-जन की आस्था का केन्द्र बन गया हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु भक्तों का तो यहां तक कहते सुना हैं कि दर्शन-पूजन करने से कष्टों का निवारण हो गया। वयोवृद्ध किशनलाल नामदेव का कहना हैं कि हनुमानजी की पूजा करने से इंसान निडर हो जाता हैं और उसकी सारी चिंता और परेशानियां अपने आप दूर हो जाती हैं , मैं बिना नागा किये हर रोज सुबह-शाम हनुमानजी का पूजन करने जाता हूं। संगीता पाण्डेय ने बताया कि राम से भी बलशाली हैं हनुमान जी का नाम ।भक्ति ज्ञान कर्म और उपासना द्वारा हनुमान से सिद्धि प्राप्त किया जा सकता हैं। हनुमान चालिसा हमारे भीतर नैतिक उत्तेजना भर देती हैं। मैं भी हर रोज सुंदरकांड और हनुमान चालिसा का पाठ करती हूं। जब तक घर-घर में हनुमान चालिसा का पाठ होगा,तभी एक नई जाग्रति आयेगी। हनुमान चालिसा के प्रणेता गोस्वामी तुलसीदास जी को बारं-बार प्रणाम।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!