जांजगीर-चांपा। बम्हनीडीह में पदस्थ एकमात्र एबीईओ रत्ना थवाईत की जगह दूसरे ब्लॉक् के जूनियर एबीईओ को प्रभारी बीईओ बनाना नियम विरूद्ध है। डीईओ के इस आदेश का लिपिक संघ खुलकर विरोध करता है और शीध्र बम्हनीडीह में पदस्थ एबीईओ रत्ना थवाईत को प्रभार दिए जाने की मांग करता है। महिला एबीईओ को प्रभार नही मिलता है तो लिपिक संघ पुरजोर विरोध करेगा। लिपिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष कौशलेश क्षत्रिय ने कहा है कि डीईओ ने यह कहकर बम्हनीडीह के एबीईओ को प्रभार नही दिया कि वह महिला है ठीक ढंग से वह अपने दायित्वों का निर्वहन नही कर सकती है। जो उनकी महिला विरोधी मानसिकता को साबित करता है। पिछले 10 साल से वे एबीईओ पद का बखूबी निर्वहन करते आ रही है। उनका अधिकार है उन्हें वंचित नही किया जा सकता है। शासन के नियमानुसार ब्लॉक के ही सीनियर एबीईओ को प्रभार देने का प्रावधान है जबकि बम्हनीडीह में एकमात्र एबीईओ रत्ना थवाईत ही पदस्थ है ऐसे में उन्हें प्रभारी बीईओ नही बनाना नियम विरुद्ध है। जिले में महिला अधिकारी अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है। बम्हनीडीह में जनपद सीईओ, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी, अकलतरा बीईओ भी महिला ही है। यही नही जिले में सांसद कमलेश जांगड़े पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश जनता का प्रतिनिधित्व कर रही है। ऐसे में बम्हनीडीह के महिला एबीईओ को कमजोर समझ कर उन्हें बीईओ का प्रभार नही देना उनके अधिकार का हनन तो है ही सीधे तौर पर महिला विरोधी मानसिकता को साबित करता है। एबीईओ रत्ना थवाईत प्रतिभाशाली है पीएससी परीक्षा से चयनित होकर इस पद पर आसीन है। प्रदेश उपाध्यक्ष ने कौशलेश क्षत्रिय ने मांग की है कि महिला एबीईओ को उनका अधिकार दिया जाय। बलौदा एबीईओ ललित जाटवर के आदेश को शीघ्र निरस्त कर महिला एबीईओ रत्ना थवाईत को प्रभार दिया जाय नही तो लिपिक संघ पुरजोर विरोध करेगा।