जिससे प्रदेश के अन्नदाता भाइयों-बहनों के जीवन मे खुशहाली और मुस्कान आएगी,ये हमारी सरकारी की सबसे बड़ी खुशी है,सरकार केवल धान की खरीदी तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना और उनका सम्मान बनाए रखना अपनी जिम्मेदारी मानती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस निर्णय से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और होली का त्योहार अधिक उत्साह के साथ मनाया जा सकेगा।
इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों ने बेचा 141.04 लाख मीट्रिक टन धान
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान बेचा है,कृषक उन्नति योजना के तहत पिछले दो वर्षों में किसानों को धान मूल्य अंतर की राशि के रूप में ₹25,000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। 28 फरवरी को होने वाले ₹10,000 करोड़ से अधिक के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर ₹35,000 करोड़ से अधिक हो जाएगा। श्री सिंग्सर्वा जी ने आगे कहा कि
किसान प्रदेश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उनकी मेहनत और समर्पण से ही राज्य की समृद्धि संभव है। राज्य सरकार किसानों की खुशहाली, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।