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दुष्कर्म मामले में छत्तीसगढ़ HC का बड़ा फैसला! प्रेम संबंध और सहमति के आधार पर रेप आरोपी को किया बरी

रायपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि महिला और पुरुष के बीच संबंध आपसी सहमति से बने हों, तो ऐसे मामले में दुष्कर्म या अपहरण का अपराध सिद्ध नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को बरी किए जाने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी।

ट्रायल कोर्ट के निर्णय के खिलाफ थी अपील
यह मामला रायपुर स्थित विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी अत्याचार) के 31 अगस्त 2023 के फैसले से जुड़ा था। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी धर्मेंद्र कुमार को अपहरण, दुष्कर्म और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम के आरोपों से बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दायर की थी।

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शिकायत और जांच की पृष्ठभूमि
19 वर्षीय युवती ने जनवरी 2022 में गरियाबंद जिले के इंदागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी उसे मोटरसाइकिल से अपने गांव ले गया और शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में विवाह से इनकार कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की।

मेडिकल रिपोर्ट और बयान बने निर्णायक
जांच के दौरान हुए चिकित्सकीय परीक्षण में युवती के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी या आंतरिक चोट के निशान नहीं पाए गए। अदालत में दिए गए बयान में भी युवती ने स्वीकार किया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था और वह अपनी इच्छा से आरोपी के साथ गई थी। डॉक्टर के समक्ष उसने जबरदस्ती संबंध बनाए जाने से भी इनकार किया।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संदर्भ
हाईकोर्ट ने जाफरुद्दीन बनाम केरल राज्य (2022) मामले का हवाला देते हुए कहा कि बरी किए गए फैसले में दखल तभी दिया जा सकता है, जब ट्रायल कोर्ट का निर्णय पूरी तरह अवैध या असंभव प्रतीत हो। बरी होने के बाद आरोपी के पक्ष में निर्दोषता की धारणा और मजबूत हो जाती है।

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अदालत का अंतिम निष्कर्ष
न्यायमूर्ति रजनी दुबे और न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल की खंडपीठ ने माना कि अभियोजन पक्ष अपहरण या दुष्कर्म के आरोप संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा। जब मुख्य अपराध ही साबित नहीं हुआ, तो एससी/एसटी अत्याचार अधिनियम का प्रावधान भी लागू नहीं होता। इसी आधार पर अदालत ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए आरोपी की बरी को बरकरार रखा।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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