Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

CG NEWS: शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला, 19 साल बाद बड़ी कार्रवाई, 8 प्रधान पाठक बर्खास्त, 10 और संदेह के घेरे में

धमतरी। वर्ष 2007 में हुई शिक्षाकर्मी भर्ती प्रक्रिया में सामने आए फर्जीवाड़े पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 प्रधान पाठकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। ये सभी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त हुए थे और वर्षों तक शिक्षा विभाग में कार्यरत रहे। प्रशासन के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और करीब 10 अन्य लोगों पर भी जल्द कार्रवाई संभव है।

मामला धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 2007 की शिक्षाकर्मी भर्ती में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच में खुलासा हुआ कि कई अभ्यर्थियों ने जाली प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी हासिल की और लगभग 19 वर्षों तक शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए पदोन्नति पाकर प्रधान पाठक के पद तक पहुंच गए। इस दौरान वे नियमित रूप से शासकीय वेतन भी प्राप्त करते रहे।

See also   चन्द्रा क्रेसर उद्योग नगझर से चोरी का फरार आरोपी को शहडोल से किया गिरफ्तार, चोरी का ब्रेकर मशीन बरामद कर भेजा गया न्यायिक रिमाण्ड पर...

यह घोटाला आरटीआई के माध्यम से उजागर हुआ था, जिसके बाद जांच और एफआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि, पूरे मामले को निर्णायक मोड़ तक पहुंचने में करीब एक दशक का समय लग गया। अब, लगभग 19 साल बाद प्रशासन ने आठ प्रधान पाठकों को बर्खास्त करने की कार्रवाई की है, जबकि 10 अन्य के मामलों में जांच अंतिम चरण में बताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, 2007 की भर्ती प्रक्रिया में गठित चयन समितियों में जनपद अध्यक्ष, शिक्षक समिति के सदस्य, प्रधान पाठक और कुछ जनप्रतिनिधि शामिल थे। आरोप है कि इन लोगों ने संगठित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्तियां कीं और इस दौरान अवैध वसूली भी हुई।

See also  CHHATTISGARH NEWS: मंत्रालय कैडर के दो संयुक्त सचिवों के साथ 7 उप सचिव के बदले विभाग; अवर सचिवों को मिली नई पोस्टिंग...

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस घोटाले में कई शिक्षाकर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है। ताजा कार्रवाई के बाद जिले में फर्जी शिक्षकों और प्रधान पाठकों के बीच हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!