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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

ब्रेकिंग न्यूज : हेलो, डी एफ ओ मनेंद्रगढ़,, हल्दीबाड़ी जंगल के अवैध कोयला खदान पर भी कुछ कशीदें सुना दीजिए…

हेलो, डी एफ ओ मनेंद्रगढ़,, हल्दीबाड़ी जंगल के अवैध कोयला खदान पर भी कुछ कशीदें सुना दीजिए…

अजीत पाटकर

एमसीबी। मनेंद्रगढ़ वन मंडल बीते कुछ वर्षों में इतना विवादित बन गया है की आम जन और विभाग से सरोकार रखने वालों का सिस्टम से ही भरोसा उठ गया है।बड़े बड़े कारनामे उजागर होने के बाद भी कार्यवाई के बजाय वन विभाग के उच्चाधिकारी तक लीपापोती करने में जुट जाते हैं।और जिंदा मक्खी लील जाने जैसी बेशर्मी तक उतर जाते हैं।बीते वर्ष नरवा विकास अंतर्गत मनेंद्रगढ़ वन परिक्षेत्र के भौता ग्राम में करोड़ों का बांध बनाया गया जिसका वर्चुअल लोकार्पण प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल द्वारा खुद किया गया था।बावजूद इसके मनेंद्रगढ़ वन मंडल के आदतन भ्रष्टाचारी इस कार्य में जमकर भ्रष्टाचार किए लाखों की फर्जी हाजिरी जांच में पाई गई फिर भी न तो जिम्मेदारों से वसूली हुई और न ही कोई विभागीय कार्रवाई। हां ये जरूर किया गया की औपरिकता दिखाते हुए फर्जी निलंबन का आदेश निकला और निलंबितों की सैलरी भी वहीं से बनती रही।आपको बता दें की इसी प्रकार की एक समस्या और लापरवाही मनेंद्रगढ़ वन मंडल के सीने की नासूर बनकर रह गई है।जानकर हैरानी होगी की वर्षों से हल्दीबाड़ी और सिद्धबाबा के पहाड़ी के इर्द गिर्द जंगलों से बड़ी तादात में अवैध कोयला का ब्यापार धड़ल्ले से संचालित होता रहा है।नतीजतन पूर्व रेंजर पर भी इन अपराधों पर नकेल न कसे जाने की वजह से तत्कालीन मनेंद्रगढ़ डी एफ ओ जे आर नायक द्वारा उक्त रेंजर के सी आर तक में कार्यवाई लिख दी गई थी। इसके बाद भी अब तक मनेंद्रगढ़ वन परिक्षेत्र में पदस्थ प्रभारी रेंजर शंखमुनी पांडे को सीख नही मिली और ना ही इन करतूत बाज़ प्रभारियों से अपने मिलीभगत में सहयोग लेने वाले जनाब डी एफ ओ साहब को सूझ रहा की वन मंडल के नाक के नीचे जंगलों में संचालित अवैध गतिविधियां रोकी जा सकें।उक्त हल्दीबाड़ी के जंगलों से कई खदानों से रात दिन बड़े पैमाने पर अवैध कोयला निकाला जा रहा है।कुछ वर्ष पूर्व उक्त खदान में दबकर एक युवक की मौत भी हुई थी।जो घटना राज बनकर रह गई।बहरहाल कह सकते हैं की सफाई देने और मनेंद्रगढ़ के करतूत बाज़ प्रभारी रेंजर को सह की बजाय अगर डी एफ ओ मनेंद्रगढ़ द्वारा ईमानदारी से दायित्व निर्वहन किया जाता तो ना जंगल बर्बाद होता और ना ही इनकी कार्यशैली पर उंगली उठती।पर हेराफेरी और भ्रष्टाचार का आदतन हो चुका मनेंद्रगढ़ वन मंडल का उच्च अमला हर कार्य में रेंजरों से भारी कमीशन की उगाही में ही लगा रहता है

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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