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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

बिलासपुर बनेगा छत्तीसगढ़ का एजुकेशन हब 120 करोड़ की परियोजना से CGPSC, UPSC, NEET और JEE की तैयारी होगी आसान

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उच्च स्तरीय कोचिंग और अध्ययन सुविधाओं के लिए प्रदेश के छात्रों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बिलासपुर में लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब के जरिए छात्रों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना आने वाले वर्षों में बिलासपुर को प्रदेश के सबसे बड़े शैक्षणिक केंद्रों में शामिल कर सकती है। प्रशासन का उद्देश्य छात्रों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी एकाग्रता और बेहतर संसाधनों के साथ कर सकें।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा बेहतर माहौल

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बिलासपुर हर साल हजारों विद्यार्थियों को आकर्षित करता है, जो CGPSC, UPSC, NEET, JEE, SSC, व्यापम, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां पहुंचते हैं। अब तक कई छात्रों को बेहतर सुविधाओं के लिए रायपुर, भोपाल, दिल्ली, प्रयागराज, कोटा और अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन नए एजुकेशन हब के निर्माण के बाद यह स्थिति बदल सकती है।

यह परिसर विद्यार्थियों को अध्ययन, आवास, डिजिटल संसाधन और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही कैंपस में उपलब्ध कराएगा, जिससे उनका समय और खर्च दोनों बचेंगे।

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13 एकड़ भूमि पर विकसित होगा आधुनिक परिसर

नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब को लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर विकसित किया जा रहा है। विशाल क्षेत्र में बनने वाला यह परिसर आधुनिक शिक्षा और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा। परियोजना पर करीब 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के शिक्षा क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।

बनेगी 24 घंटे खुली हाईटेक लाइब्रेरी

परिसर की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक अत्याधुनिक हाईटेक लाइब्रेरी होगी। यहां छात्रों को शांत और अध्ययन-अनुकूल वातावरण के साथ डिजिटल लर्निंग संसाधनों की सुविधा मिलेगी।

लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों, ई-रिसोर्सेज, ऑनलाइन डेटाबेस और डिजिटल स्टडी प्लेटफॉर्म तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थियों को 24 घंटे अध्ययन की सुविधा देने की भी योजना है।

छात्र-छात्राओं के लिए अलग छात्रावास

परियोजना के तहत छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग 300-300 सीट क्षमता वाले आधुनिक छात्रावास बनाए जाएंगे। इन हॉस्टलों में सुरक्षा, भोजन, इंटरनेट और अध्ययन कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

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इससे दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित और किफायती आवास की सुविधा मिल सकेगी।

शिक्षा के क्षेत्र में नया केंद्र बनेगा बिलासपुर

विशेषज्ञों का मानना है कि नालंदा परिसर और एजुकेशन हब के शुरू होने के बाद बिलासपुर प्रदेश का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन संसाधन मिलेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी सफलता की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

यह परियोजना छत्तीसगढ़ के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य के शैक्षणिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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