जंतर-मंतर आंदोलन में बड़ा मोड़! सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, मोदी सरकार के आश्वासन के बाद भी नहीं थमा विरोध

Jantar Mantar Protest:जंतर-मंतर आंदोलन में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। करीब 27 दिनों तक भूख हड़ताल करने के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। हालांकि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर आंदोलन लगातार 35वें दिन भी जारी है। CJP की ओर से दावा किया गया है कि संगठन के प्रतिनिधियों की आज केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक हो सकती है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। सरकार का कहना है कि कई बार बातचीत के लिए बुलाया गया, जबकि CJP का कहना है कि बातचीत किसी निष्पक्ष स्थान पर होनी चाहिए।
सोनम वांगचुक ने क्यों खत्म किया अनशन?
जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसदों ने उनसे मुलाकात कर संसद में इस मुद्दे को उठाने का भरोसा दिया। साथ ही सरकार की ओर से भी बातचीत और सकारात्मक पहल का आश्वासन मिला। इन्हीं भरोसों के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।
प्रदर्शन क्यों नहीं हुआ खत्म?
हालांकि जंतर-मंतर आंदोलन अभी जारी रहेगा। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का भी आह्वान किया है।
PM मोदी का बड़ा ऐलान
जंतर-मंतर आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों पर सख्त कानून लाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे। प्रस्तावित विधेयक पर पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा होगी।
सरकार ने क्या भरोसा दिया?
सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों को यह भरोसा भी दिया गया कि पेपर लीक से प्रभावित परिवारों के लिए उचित सहायता और मुआवजे पर विचार किया जाएगा। साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन भी दिया गया है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
जंतर-मंतर आंदोलन को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एहतियात के तौर पर राजीव चौक और लोक कल्याण मार्ग समेत कई मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। संसद मार्ग पर देर रात बैरिकेडिंग तोड़ने की घटना के बाद पुलिस भी पूरी तरह सतर्क है।
अब सबकी नजर संसद पर
अब जंतर-मंतर आंदोलन का अगला चरण संसद में होने वाली चर्चा और सरकार द्वारा लाए जाने वाले प्रस्तावित कानून पर टिका है। यदि सरकार अपने वादों को अमल में लाती है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है, लेकिन फिलहाल प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।



