Asha Bhosle :सुरों की अमर आवाज खामोश, पंचतत्व में विलीन हुईं आशा भोसले, बेटे आनंद ने दी मुखाग्नि

Asha Bhosle का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में संपन्न हुआ। 92 वर्ष की आयु में उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। उनके बेटे आनंद भोसले ने उन्हें मुखाग्नि दी, जिसके साथ ही भारतीय संगीत की यह अमर आवाज पंचतत्व में विलीन हो गई।
अंतिम यात्रा के दौरान उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजे मोक्ष रथ में ले जाया गया, जिसे सैकड़ों किलो फूलों से सजाया गया था। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में फैंस, परिवारजन और फिल्म जगत की हस्तियां पहुंचीं। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल बेहद भावुक नजर आया।
Amitabh Bachchan, Ranveer Singh, Tabu, Jackie Shroff, Helen, Anuradha Paudwal सहित कई दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनकी पोती जेनाई भोसले भावुक होकर रोती नजर आईं। परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुख की घड़ी में टूटे हुए दिखे।
राजनीतिक जगत से भी कई नेता अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। हर वर्ग के लोगों ने अपने-अपने तरीके से आशा ताई को याद किया। अपने सात दशकों से अधिक लंबे करियर में आशा भोसले ने हजारों गीत गाकर संगीत जगत को अमूल्य धरोहर दी। उनकी आवाज में वह जादू था, जिसने हर पीढ़ी को प्रभावित किया। ग़ज़ल, पॉप, रोमांटिक, कैबरे—हर शैली में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
आज भले ही वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके गीत, उनकी आवाज और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी। उनके जाने से एक युग का अंत जरूर हुआ है, लेकिन उनकी विरासत सदैव अमर रहेगी।



