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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

पीएमश्री स्कूल में धर्मांतरण के आरोप, प्रधान पाठक निलंबित, बलौदा के सरकारी स्कूल में बवाल, धर्मांतरण और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप, जनसमस्या शिविर में गूंजा स्कूल विवाद, डीईओ ने किया तत्काल निलंबन

पीएमश्री स्कूल का यह मामला अब सिर्फ एक शिकायत नहीं रहा… बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल बनकर खड़ा है। प्रधान पाठक पर बच्चों को हिन्दू संस्कृति के खिलाफ भड़काने और धर्मांतरण के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतें महीनों से विभाग के दरवाजे खटखटा रही थीं, लेकिन जवाब कहीं नहीं मिला। इसी चुप्पी ने गुस्से को और बढ़ाया… और मामला जनसमस्या निवारण शिविर तक पहुंच गया। जहां सवाल खुले मंच पर गूंजे, और व्यवस्था को आखिरकार हरकत में आना पड़ा। डीईओ ने तब जाकर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की… लेकिन सवाल अब भी वहीं खड़े हैं।

जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा नगर का एक सरकारी स्कूल इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पीएमश्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज पर ऐसे आरोप लगे हैं, जिसने गांव से लेकर शिक्षा विभाग तक हलचल मचा दी है। आरोप है कि स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को हिन्दू संस्कृति और देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काया जा रहा था और उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।

ग्रामीणों का दावा है कि स्कूल की प्रार्थना सभा में बच्चों को राष्ट्रगान “जन गण मन” के बजाय “गॉड इज ग्रेट” जैसे धार्मिक वाक्य सिखाए जा रहे थे। जैसे-जैसे यह बात गांव में फैली, लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। अभिभावकों ने सवाल उठाया कि सरकारी स्कूल में आखिर बच्चों को किस दिशा में ले जाया जा रहा है।

शिकायतें होती रहीं… विभाग चुप बैठा रहा

ग्रामीणों और हिन्दू संगठनों का आरोप है कि इस पूरे मामले की शिकायत लंबे समय से शिक्षा विभाग में की जा रही थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाए बैठे रहे। यही वजह रही कि इलाके में आक्रोश लगातार बढ़ता गया।

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मामला तब अचानक तूल पकड़ गया जब 7 मई को ग्राम भिलाई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों और हिन्दू संगठनों ने खुलकर इस मुद्दे को उठाया। शिविर में जैसे ही स्कूल और धर्मांतरण के आरोपों की चर्चा हुई, शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया।

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थाना तक पहुंचा मामला

स्थिति को संवेदनशील मानते हुए थाना बलौदा में भी कार्रवाई दर्ज की गई। लोक शांति भंग होने की आशंका पर बीएनएसएस की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रकरण कायम किया गया है।

सिर्फ धर्मांतरण नहीं… पैसों के खेल के भी आरोप

मामला केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। जांच में स्कूल की अनुदान राशि में गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए हैं।

आरोप है कि प्रधान पाठक ने स्कूल प्रबंधन समिति की राशि का खर्च खुद किया और बाद में समिति से अनुमोदन लेने की कोशिश की। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक समग्र शिक्षा और अन्य मदों से मिली अनुदान राशि में फर्जी बिल-वाउचर लगाने, रिश्तेदारों के नाम पर पीपीओ जारी कर राशि आहरित करने जैसी अनियमितताएं भी सामने आई हैं।

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इन शिकायतों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन विभाग के मुताबिक संबंधित प्रधान पाठक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

डीईओ ने जारी किया निलंबन आदेश

जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश में साफ कहा है कि प्रथम दृष्टया यह मामला गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत लक्ष्मी देवी भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलौदा निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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