Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले के बाद पर्यटन के कारोबार पर पड़ी जबरदस्त मार, होटलों की 90% बुकिंग कैंसिल…

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है, और यह राज्य के कई परिवारों की आजीविका का मुख्य स्रोत है। जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में लोग पर्यटन से जुड़े विभिन्न कामों जैसे होटलों में मेहमानों का ठहरना, यात्रा, शॉपिंग, आदि से अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। हालांकि, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
इस हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर के प्रमुख हिल रिसॉर्ट वीरान पड़ गए हैं। पटनीटॉप, नत्थाटॉप और सनासर जैसे पर्यटन स्थलों में भारी नुकसान हुआ है। होटल मैनेजर राजेश कुमार के अनुसार, आतंकी हमले के बाद होटलों में ठहरे सभी पर्यटक तुरंत अपने घर लौट गए और उनकी सारी बुकिंग भी कैंसिल हो गई।
राजेश कुमार ने बताया कि पटनीटॉप, जो जम्मू का सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशन है, में पर्यटन का कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है। वह पर्यटकों से अपील करते हैं कि यहां सुरक्षा का कोई खतरा नहीं है। इस घटना के बाद से डेढ़ सौ कमरों की बुकिंग कैंसिल हो चुकी है।
कश्मीर में अप्रैल, मई और जून के महीने पर्यटन के लिहाज से बहुत अहम होते हैं, क्योंकि इस समय स्कूलों की छुट्टियां होती हैं और लोग गर्मी से बचने के लिए कश्मीर का रुख करते हैं। लेकिन अब पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग चिंतित हैं क्योंकि वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
पटनीटॉप में सुरक्षा की स्थिति पर होटल मालिकों ने कहा कि इस इलाके में कभी भी कोई आतंकी घटना नहीं हुई है और यहां सेना की यूनिट और पुलिस चौकी भी है, जिससे इस क्षेत्र को सुरक्षित माना जाता है। होटल के मैनेजर जगदेव सिंह ने ANI से कहा, “आतंकी हमले के बाद हमारा काम पूरी तरह से ठप हो गया है। लगभग 90% बुकिंग कैंसिल हो चुकी हैं और होटल के कमरे खाली पड़े हैं। सभी कर्मचारी काम के बिना बैठें हैं।”
पटनीटॉप की टैक्सी यूनियन के नेता सुखदेव सिंह ने भी बताया कि आतंकी हमले के बाद इलाके में आए पर्यटक वापस लौट गए हैं, जिससे उनके ड्राइवरों के लिए आर्थिक संकट बढ़ गया है। वे कहते हैं कि अब उनकी गाड़ियां कई दिनों से नहीं चली हैं, जिससे किश्तों का भुगतान भी मुश्किल हो रहा है। सुखदेव सिंह ने यह भी बताया कि पटनीटॉप हमेशा से एक सुरक्षित पर्यटन स्थल रहा है।



