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ग्राम पंचायत छपोरा सचिव भागवत साहू की संलिप्तता से पूरी की गई रेत ठेका की प्रक्रिया सवालों के घेरे में, एक छोटे से कर्मचारी को जिला कार्यालय में इतना अधिक हस्तक्षेप का मौका क्यो दिया गया…

ग्राम पंचायत छपोरा सचिव भागवत साहू की संलिप्तता से पूरी की गई रेत ठेका की प्रक्रिया सवालों के घेरे में
एक छोटे से कर्मचारी को जिला कार्यालय में इतना अधिक हस्तक्षेप का मौका क्यो दिया गया
सक्ती। सक्ती जिला अंतर्गत रेत खदान बोली नीलामी की अधिसूचना जारी किया गया था जिसमे मिरौनी, मरघटटी,खुरघट्टी, डोटमा रेत खदानों का नीलामी 6 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में सम्पन्न हुआ। जिसमें जितने भी ठेकेदार फार्म जमा किये थे वह सब सभाकक्ष में भाग लिए थे जिसमें विधानसभा जैजैपुर अंर्तगत जनपद पंचायत मालखरौदा के ग्राम पंचायत छपोरा में पदस्थ सचिव भागवत साहू ने 6 अक्टूबर को रेत खदान नीलामी प्रक्रिया में निरंतर कार्यालय के अंदर बाहर होते दिखाई दे रहे थे। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक शासकीय कर्मचारी इस प्रकार से एक भिन्न कार्यालय के कार्यालयीन प्रक्रिया में किस हद तक अपना हस्तक्षेप रखता है साथ ही वह पूरी प्रक्रिया के दौरान संभावित ठेकेदारों का इस प्रकार से सहयोग करता दिख रहा था जैसे वह एक शासकीय कर्मचारी न होकर ठेकेदारों के ही सहयोगी हो। यह स्पष्ट रूप से शासकीय कर्मचारियों के लिए निर्धारित आचरण व्यवस्था के खिलाफ है यह भी स्पष्ट है कि उक्त ग्राम सचिव का इतिहास पूर्ण रूप से घपले गबन एवं दुरुपयोग का रहा है अब यह जिला के जिम्मेदार अधिकारियों का विवेक है कि एक ग्राम सचिव को मनमानी करने दे अथवा जिले के शासकीय क्रियाकलापों को पारदर्शी तरीके से पूरा होने दे। इस प्रकार के पँचायत सचिव के गतिविधियों से जिला प्रशासन की छवि आम जनता के बीच धूमिल हो रही है चौक चौराहों में यह सुनने को मिल जा रहा है कि एक मजबूत प्रशासक की छवि रखते हुए कलेक्टर महोदया एक आरोपी ग्राम सचिव को शासकीय कार्यक्रमो में इतना हस्तक्षेप क्यो करने दे रही है।
शासन प्रशासन ने पँचायत सचिव को दे रखे खुली छूट का आरोप
आपको बता दे कि जैजैपुर क्षेत्र की बड़े नेताओ की करीबी बता कर अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत पैदा कर ऐसे सरकारी कार्यो में दखल देना कहां तक उचित है। ऐसे रेत खदानों में नीलामी में भाग लेकर ठेकेदारों की सूची का अध्ययन करते हुए देखे गए जब यह पँचायत सचिव है तो पँचायत की कार्यो में हस्तक्षेप करे यहाँ तो शासन प्रशासन ऐसे सचिव को पूरी खुली छूट दे रखी है।
हम ग्राम पंचायत सचिव की ड्यूटी क्यो लगाएंगे जब हमें ड्यूटी लगाना है तो अपने खनिज विभाग या कलेक्ट्रेट कार्यालय की कमर्चारीयो का लगाएंगे। पँचायत सचिव की ड्यूटी मेरे ख्याल से नही लगाया गया था।
के.के.बंजारे
खनिज अधिकारी सक्ती



