छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
दलालों ने 2 एकड़ सरकारी जमीन को प्लाटिंग कर बेच दी, जेल बिल्डिंग के पीछे खोखरा की 50 एकड़ से अधिक शासकीय जमीन को पटवारी ने कर दी जमीन दलालो के नाम, राजस्व विभाग में मचा हड़कंप…

दलालों ने 2 एकड़ सरकारी जमीन को प्लाटिंग कर बेच दी
जेल बिल्डिंग के पीछे खोखरा की 50 एकड़ से अधिक शासकीय जमीन को पटवारी ने कर दी जमीन दलालो के नाम
राजस्व विभाग में
मचा हड़कंप
जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय से लगे हुए खोखरा, मुनुंद सहित आसपास गांव में अवैध प्लाटिंग की शिकायतें कोई नई बात नहीं है, लेकिन हद तो तब हो गई जब जमीन के कारोबार में सक्रिय लोगों ने 50 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अपने नाम करके स्वयं अथवा मुख्तियारीनामा के माध्यम से विभिन्न ग्राहकों को टुकड़ों में प्लाटिंग करके बेच
दी। हालांकि इस मामले की भनक राजस्व अमले को हुई तो अधिकारी हरकत में आए और प्रारंभिक जांच में करीब 2 एकड़ सरकारी जमीन की बिक्री होने
की पुष्टि होने पर पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि जिला बनने के बाद जांजगीर सहित
आसपास के गांव में जमीन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और बसाहट बढ़ने के साथ जिला मुख्यालय से लगे आधा दर्जन से अधिक गांवों में प्लाटिंग का काम जोरों से चल रहा है। इसको लेकर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा की शिकायतें तो होती ही
है, इस कारोबार में संलिप्त लोगों ने सरकारी जमीन को अपने नाम कराकर उसे टुकड़ों में बेचने का भी बड़ा खेला कर दिखाया। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय जांजगीर से
लगे ग्राम खोखरा में जेल बिल्डिंग के आसपास की लगभग 2 एकड़ शासकीय भूमि जिस पर पहले मुरूम उत्खनन होता था, वह राजस्व रिकार्ड में अचानक से एक निजी व्यक्ति के नाम पर आ गया। इसके बाद
उक्त व्यक्ति ने आम मुख्तियार बनाकर 4-5 लोगों से बेच दिया। इतना ही नहीं इसी जमीन से जुड़ी कुछ एक और जमीन को भी शासकीय भूमि से कृषि
भूमि में परिवर्तित करके कथित जमीन के कारोबारी द्वारा अवैध प्लाटिंग करते हुए आधा दर्जन
लोगों के पास टुकड़ों में बिक्री कर दी गई है। सूत्र तो यहां तक बताते है कि इस एरिया में खोखराभाठा-मुनंद रोड से होकर स्टेडियम तक सड़क के
दोनों ओर तकरीबन 50 एकड़ से अधिक शासकीय भूमि को कृषि भूमि में परिवर्तित करके कथित कारोबारी के नाम पर करके टुकड़ों में खरीदी-बिक्री
की गई है। खास बात रिकार्ड मंगवाया। हालांकि इस दौरान प्रारंभिक तौर पर करीब 2 एकड़ शासकीय भूमि को प्लाटिंग कर के बेचने की पुष्टि होने पर
खोखरा हल्का के पटवारी को निलंबन करने की कार्रवाई हुई।
पटवारी के रिश्तेदार ने
की आत्महत्या
जमीन खरीदी बिक्री के कारोबार से जुड़े सूत्रों की माने
तो जेल बिल्डिंग के आसपास 50 एकड़ से अधिक शासकीय भूमि को चहेतों के नाम पर चढ़ाकर अवैध प्लाटिंग करने के इस मामले में जिम्मेदार राजस्व अमले की भूमिका अहम बताई जा रही है। बताया जाता है कि शासकीय भूमि को निजी नामो में कराने के बाद पूरे दस्तावेज तैयार किए गए। ऑनलाइन
रिकार्ड दुरुस्त हुआ, जिसके अवलोकन के बाद रजिस्टार कार्यालय में क्रेता विक्रेता की उपस्थिति में विधिवत रजिस्ट्री हुई। बताया जाता है कि भुगतान
तो करोड़ों में हुआ है, लेकिन दस्तावेजों में कृषि भूमि के दर से सीमित राशि का भुगतान चेक के माध्यम से हुआ है। ऐसे में इस मामले में कार्रवाई की शुरूआत
होते ही क्रेता विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। सूत्र का कहना है कि पिछले दिनों एक युवक ने फांसी लगाकर पटवारी कार्यालय में आत्महत्या कर ली थी जिस युवक ने आत्महत्या की है वह पटवारी का रिश्तेदार है। यह मामला भी इसी खरीदी बिक्री से जुड़ा हुआ है।
खोखरा पटवारी
लखनलाल कुर्रे
निलंबित
शासकीय भूमि को पटवारी आईडी से कृषि भूमि में परिवर्तित करने तथा गिरदावरी में धान की फसल की प्रविष्टि करने के मामले में खोखरा पटवारी लखनलाल कुर्रे को निलंबित किया गया है। एसडीएम कार्यालय से 11 सितंबर को जारी आदेश के मुताबिक खसरा
नंबर 2669/2, खसरा नंबर 3063 तथा खसरा नंबर 2712 खसरा नंबर 2674 को 10 जुलाई को पटवारी आईडी से शासकीय भूमि से कृषि भूमि में परिवर्तित किया गया था। इसके बाद 25 जुलाई को गिरदावरी में
धान की फसल प्रविष्ट की गई थी। इसके बाद इनकी बिक्री हो गई। इस मामले में पटवारी से स्पष्टीकरण मांगा गया और सतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसे निलंबित करने के आदेश दिए गए है।
शासकीय भूमि को कुछ लोगों के नाम पर चढ़ाकर
खरीदी बिक्री करने के मामले में जांच हुई है।
करीब 50 एकड़ में इस तरह की शिकायत मिल रही
है। अभी 2-3 खसरा नंबर की भूमि की पुष्टि होने पर
पटवारी को निलंबित किए है। रजिस्ट्री हो चुकी है,
प्रमाणीकरण पर रोक लगा दिया गया है।
-एसपी वैद्य
अपर कलेक्टर, जांजगीर



