ऊन वीरों को नमन जिन्होंने देश के लिए अपनी कुर्बानी दी -राजेश्री महन्त, सीमा पर दिन-रात सैनिक डटे रहते हैं जिनके बदौलत हम सभी स्वतंत्रता की सांस ले रहे हैं…

ऊन वीरों को नमन जिन्होंने देश के लिए अपनी कुर्बानी दी -राजेश्री महन्त
सीमा पर दिन-रात सैनिक डटे रहते हैं जिनके बदौलत हम सभी स्वतंत्रता की सांस ले रहे हैं
जांजगीर-चांपा। हमारे देश को स्वतंत्र करने के लिए हजारों वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, ज्ञात- अज्ञात उन सभी वीरों को नमन जिन्होंने अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। यह बातें महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास महाराज ने श्री दूधाधारी मठ सत्संग भवन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए अभिव्यक्त किया। भारत माता एवं महात्मा गांधी के तैलचित्र में पूजा अर्चना के पश्चात ध्वजारोहण किया गया। राष्ट्रगान के पश्चात भारत माता की जय, स्वतंत्रता दिवस अमर रहे का नारा उपस्थित जनसमूह ने लगाया। अपने आशीर्वचन स्वरूप लोगों को संबोधित करते हुए राजेश्री महन्त जी ने कहा कि- हम सभी स्वतंत्रता पूर्वक सांस इसलिए ले पा रहे हैं कि हमारे वीर जवान देश की सीमा पर दिन-रात डटे हुए हैं! हमें हर हाल में अपने देश की स्वतंत्रता की रक्षा करनी चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम के समय श्री दूधाधारी मठ और जैतूसाव मठ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को संसाधन उपलब्ध कराया और संबल प्रदान की। इसी संस्थान की सेवा का उत्तरदायित्व मुझे भी प्राप्त हुआ है यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। लोगों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ संस्कृत बोर्ड के सदस्य प्रोफेसर तोयनिधि वैष्णव ने कहा कि -स्वतंत्रता की प्राप्ति के पश्चात भारत ने उत्तरोत्तर विकास किया है आज हम विश्व की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं। लोगों को गौ सेवा आयोग के पंजीयक डॉ चावला साहब ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की समाप्ति पर उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से माधव प्रसाद त्रिवेदी, नागा महाराज, अनिल बरोड़िया, अशोक पांडे, मोहनपुरी गोस्वामी, रामेश्वर मिश्रा, राम प्रिय दास, राम्मू गोस्वामी, हर्ष दुबे, आचार्य तिवारी, गोपाल भट्ट, परदेसी, सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव ने किया।



