CG News: कांकेर बिजली विभाग में दिवाली पर मिठाई की जगह बांटी जा रही थी शराब? कार्यालय से तीन बोतलें मिलने पर मचा बवाल

कांकेर। दीपावली का त्योहार खुशियां बांटने, एक-दूसरे का मुंह मीठा कराने और आपसी सौहार्द के साथ उत्सव मनाने का अवसर होता है। इस दिन सरकारी कार्यालयों से लेकर निजी संस्थानों तक में कर्मचारी एक-दूसरे को मिठाई देकर त्योहार की बधाई देते हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बिजली विभाग के एक कार्यालय से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे विभाग में हलचल मचा दी है। यहां दीपावली के अवसर पर कर्मचारियों को मिठाई की जगह अंग्रेजी शराब बांटे जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के बाद पुलिस की एंट्री हुई और कार्यालय से शराब की तीन बोतलें मिलने की बात सामने आई। इसके बाद मामला केवल विभागीय कार्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विवाद का रूप भी लेने लगा।
दिवाली के जश्न के बीच बिजली विभाग में शराब बांटने की शिकायत
मामला कांकेर स्थित विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता संभाग कार्यालय का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, दीपावली के मौके पर कार्यालय में शराब बांटे जाने की शिकायत सामने आई थी। ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष लोमेश यादव ने इस संबंध में आरोप लगाते हुए सवाल उठाए कि आखिर सरकारी विभाग के कार्यालय में त्योहार के नाम पर अंग्रेजी शराब बांटने की नौबत कैसे आ गई?
शिकायतकर्ता का आरोप था कि जहां दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर कर्मचारियों के बीच मिठाई और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान होना चाहिए था, वहीं कार्यालय में शराब वितरण की तैयारी की जा रही थी। इस शिकायत के सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। सरकारी कार्यालय में इस तरह की गतिविधि की शिकायत ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस पहुंची तो कार्यालय में मिलीं अंग्रेजी शराब की तीन बोतलें
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कार्यालय से ब्लेंडर ब्रांड की अंग्रेजी शराब की तीन बोतलें बरामद हुईं। शराब की बोतलें मिलने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
इसके बाद पुलिस ने विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता एस.के. किंडो को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना पहुंचाया। कार्यालय में शराब किस उद्देश्य से रखी गई थी, इसे किसके लिए लाया गया था और क्या वास्तव में कर्मचारियों के बीच इसका वितरण किया जाना था, जैसे सवालों को लेकर पूछताछ की गई।हालांकि, केवल शराब की बोतलें मिलने से शराब बांटे जाने का आरोप अपने आप साबित नहीं होता। पुलिस की जांच में ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब कार्यालय में किन परिस्थितियों में पहुंची और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
पुलिस की कार्रवाई के बाद आमने-सामने आए कर्मचारी और कांग्रेस कार्यकर्ता
जैसे ही पुलिस की कार्रवाई की जानकारी विभाग के अन्य कर्मचारियों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक पहुंची, कार्यालय का माहौल गरमा गया। कार्रवाई के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। इस दौरान मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
एक तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकारी कार्यालय में शराब मिलने और कथित रूप से वितरण किए जाने के आरोपों को लेकर सवाल उठाए, तो दूसरी तरफ विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया। देखते ही देखते यह घटना जिले में चर्चा का विषय बन गई।
सरकारी कार्यालय में शराब कैसे पहुंची, अब जांच पर टिकी नजरें
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर सरकारी बिजली विभाग के कार्यालय में अंग्रेजी शराब की तीन बोतलें किस उद्देश्य से रखी गई थीं? क्या इन्हें दीपावली के अवसर पर कर्मचारियों के बीच बांटने के लिए लाया गया था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी? शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है? इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
फिलहाल कांकेर बिजली विभाग का यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही स्तरों पर चर्चा में है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर जांच के नतीजों पर टिकी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि शराब कार्यालय में कैसे पहुंची, इसकी जिम्मेदारी किसकी थी और कथित शराब वितरण के आरोपों में कितनी सच्चाई है।



