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आम आदमी पार्टी ने किसानों की समस्या को लेकर सौंपा ज्ञापन

जांजगीर-चांपा। आम आदमी पार्टी ने कलेक्टर के माध्यम से कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से गिरदावरी की जटिलता, बायोमेट्रिक अनिवार्यता ख़त्म करने, 3358 रूपये प्रति क्विंटल धान खरीदने और 150 रूपये प्रति क्विंटल पूर्व बकाया राशि किसानों को देने का समर्थन किया।
15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने वाली है, लेकिन अब तक अनेक किसानों का पंजीयन और गिरदावरी संबंधी काम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे समय में जब किसानों को अपनी उपज बेचने की तैयारी करनी चाहिए, उन्हें सरकारी प्रक्रियाओं और तकनीकी समस्याओं के कारण परेशान होना पड़ रहा है। विभिन्न जिलों से सामने आ रही खबरों के अनुसार, डिजिटल फसल सर्वेक्षण और राजस्व संबंधी कार्यों में देरी के कारण किसानों के सामने धान खरीदी को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है। सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है।
आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
1. केंद्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 2024-25 में 117 रूपये,2025-26 में 69 रूपये और 2026-27 में 72 रूपये कुल मिलाकर 258 रूपये की वृद्धि की है जिसे समर्थन मूल्य में जोड़कर दिया जाये। इस बढ़ी हुई राशि को यदि राज्य सरकार के वर्तमान 3,100 रूपये के मूल्य में जोड़ा जाए, तो किसानों को प्रति क्विंटल 3,358रूपये की राशि मिलनी चाहिए।
2. राजीव गांधी किसान न्याय योजना की लंबित किस्त का भुगतान: पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत किसानों की 150 रूपये प्रति क्विंटल की एक अंतिम किस्त अभी भी बकाया है। कृपया राज्य सरकार इस रुकी हुई राशि को भी किसानों को जल्द से जल्द प्रदान करे।
3. पटवारी हड़ताल के दौरान रकबा संशोधन एवं संवेदनशीलता: वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा ऐप के माध्यम से किसानों का रकबा संशोधन व रकबा समर्पण किया जा रहा है। चूंकि अभी पटवारी हड़ताल पर हैं, इसलिए तकनीकी व व्यावहारिक त्रुटियों की भारी संभावना है। विदित हो कि पिछले वर्ष धान खरीदी के दौरान रकबा संशोधन और रकबा समर्पण की विसंगतियों को लेकर कुछ किसानों ने हताश होकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। वैसी अप्रिय परिस्थिति इस वर्ष निर्मित नहीं होनी चाहिए। अतः मांग है कि रकबा संशोधन का कार्य अत्यंत सावधानी पूर्वक और पूर्णतः किसान की सहमति से ही किया जाए। बिना किसान की स्पष्ट सहमति के किसी भी खाते के रकबे में कोई छेड़छाड़ न की जाए। यदि इस वर्ष रकबा संशोधन या समर्पण की त्रुटियों के कारण कोई भी किसान आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होता है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
4. बायोमेट्रिक (अंगूठा निशान) अनिवार्यता को निरस्त करने बाबत: वर्तमान धान खरीदी में किसानों के लिए बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) को अनिवार्य किया गया है। सर्वर की समस्या, नेटवर्क की कमी और बुजुर्ग किसानों के फिंगरप्रिंट मैच न होने के कारण इससे खरीदी में भारी दिक्कत आ रही है। अतः इस अनिवार्य नियम को तत्काल कैंसिल कर पूर्व की व्यवस्था (बिना अनिवार्य बायोमेट्रिक) को ही बहाल रखा जाए।
आम आदमी पार्टी सरकार को आगाह करती है कि यदि सरकार ने पटवारियों और किसानों की समस्याओं और समर्थन मूल्य 3358 प्रति क्विंटल तथा 150 रूपये प्रति क्विंटल बकाया राशि का भुगतान नहीं किया, तो पार्टी जल्द ही प्रदेश में किसानों के समर्थन में पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन करेगी।
जिसमें मुख्य रूप से प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, प्रदेश प्रवक्ता आशुतोष गोपाल,लोकसभा प्रभारी, ललित बघेल लोकसभा महासचिव राजेश पूरी गोस्वामी, जिला अध्यक्ष डॉ हेमंत कश्यप, जिला उपाध्यक्ष राहुल राय, रवि यादव, बीना पटेल, गणेश बिंद उपस्थित थे



