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जांजगीर-नैला नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव सम्पन्न, पथ संचलन के पश्चात शस्त्र पूजन एवं उद्बोधन
मुख्य वक्ता गणपति रॉयल ने संघ की 101 वर्षों की यात्रा एवं पंच परिवर्तन के महत्व पर किया प्रकाश

जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जांजगीर-नैला नगर द्वारा मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी उत्सव पारंपरिक उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सिटी क्लब, कचहरी चौक, जांजगीर से नैला स्थित दुर्गा माता पंडाल तक पथ संचलन निकाला गया। संचलन के पश्चात सिटी क्लब में विजयादशमी उत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें पारंपरिक रूप से शस्त्र पूजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गणपति रॉयल, प्रांत मिलन मंडली प्रमुख ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना, उसकी 101 वर्षों की यात्रा तथा समाज जीवन में संघ की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा की गई थी। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से पंच परिवर्तन के महत्व को रेखांकित किया। पंच परिवर्तन में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी एवं नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मंच पर माननीय नगर संघचालक संदीप तिवारी, मुख्य वक्ता गणपति रॉयल एवं नगर कार्यवाह नील सागर यादव जी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मन्मथ नाथ शर्मा, प्रांत सह प्रचार प्रमुख; मुकेश चंद्रा, जिला कार्यवाह; अमित गौरहा, जिला सेवा प्रमुख; रामचन्द्र उपाध्याय, जिला सामाजिक सद्भाव प्रमुख; गंगाराम कटकवार, जिला कुटुंब प्रबोधन प्रमुख तथा मोहित राम चंद्रा, प्रचारक सहित जांजगीर-नैला नगर के अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन भाव एवं राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ सहभागिता की। विजयादशमी उत्सव ने समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।



