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टीबी उन्मूलन के लिए ‘जोश’ टीमों का राष्ट्रीय अभियान शुरू, टीबी का इलाज संभव, जागरूकता और निरंतर प्रयासों से मिलेगी सफलता – सांसद कमलेश जांगड़े
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली से किया ‘जोश’ टीमों के राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ, टीबी मरीजों को वितरित की गई फूड किट, टीबी मुक्त पंचायतों के प्रतिनिधि हुए सम्मानित

जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ‘जोश’ (जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ का कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया गया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने ‘जोश’ टीमों के राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ किया। इसका वर्चुअल प्रसारण जांजगीर जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। इस अवसर पर सांसद कमलेश जांगड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। ‘जोश’ अभियान के अंतर्गत युवा स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स एवं शासकीय अधिकारियों को टीम के रूप में संगठित किया गया है। इन टीमों के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षणों की पहचान, बचाव, समय पर जांच, नियमित उपचार और उपचार का पूरा कोर्स करने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही टीबी से जुड़े भ्रम एवं मिथकों को दूर करते हुए लोगों में बीमारी के प्रति सही जानकारी और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है। समय पर बीमारी की पहचान, जांच और नियमित उपचार से मरीज स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए जनभागीदारी के साथ निरंतर जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीबी के लक्षणों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए, ताकि लोग लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के जांच और उपचार के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से भी टीबी उन्मूलन को लेकर निरंतर जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से टीबी के प्रति जागरूक रहने, जरूरतमंदों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने तथा टीबी मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि टीबी से प्रभावित व्यक्ति को समय पर उपचार के लिए प्रेरित करने के साथ उसे सामाजिक एवं भावनात्मक सहयोग देना भी हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त समाज के निर्माण के लिए इस अभियान को जनअभियान का स्वरूप देना होगा। प्रत्येक व्यक्ति को टीबी के लक्षण, बचाव, जांच और उपचार की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ समाज का निर्माण होता है।” सामूहिक प्रयासों से ही हम टीबी मुक्त समाज और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
जिला पंचायत सदस्य आशा साव ने कहा कि ‘जोश’ अभियान टीबी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है। अभियान के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, समय पर जांच और नियमित उपचार की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टीबी को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए लोगों को जांच और उपचार के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने सभी से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में टीबी मरीजों के उपचार के साथ उनके पोषण और सामाजिक सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया। इस दौरान अतिथियों द्वारा टीबी मरीजों को पोषण सहयोग के रूप में फूड किट वितरित की गई। साथ ही टीबी उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करते हुए अपनी पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने में योगदान देने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा लोगों को समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य महादेव नेताम, संतोषी रात्रे, जनपद पंचायत बम्हनीडीह सदस्य अमिता लहरे, जिला पंचायत सीईओ विनय पोयाम, सीएमएचओ डॉ. अनीता श्रीवास्तव , डीपीएम उत्कर्ष तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, एनसीसी कैडेट, माय भारत के वालियंटर उपस्थित थे।



