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यूको बैंक से ₹1 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा, ₹10.87 लाख की ठगी: इंदौर से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
फर्जी लोन स्वीकृति पत्र और नकली हस्ताक्षरों से करता था धोखाधड़ी, चांपा पुलिस ने साइबर तकनीक के जरिए आरोपी को दबोचा

जांजगीर-चांपा, 03 अगस्त 2026। जांजगीर-चांपा पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने यूको बैंक से ₹1 करोड़ का लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर एक व्यवसायी से ₹10,87,285 की ठगी की थी। मामले में थाना चांपा पुलिस ने साइबर तकनीक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी चांपा लौकेश बंसल के नेतृत्व में की गई।
अखबार के विज्ञापन से हुई पहचान, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार शिवनगर, चांपा निवासी आशुतोष अग्रवाल ने 16 जून 2025 को थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2022 में अखबार में प्रकाशित जानकारी के माध्यम से उसकी पहचान कुलदीप वशिष्ठ से हुई। आरोपी ने खुद को बैंकिंग कार्यों का जानकार बताते हुए यूको बैंक से ₹1 करोड़ का लोन मंजूर कराने का दावा किया।
विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने कहा कि लोन स्वीकृति के लिए ₹5 लाख की फिक्स डिपॉजिट और ₹5 से ₹6 लाख अन्य प्रक्रिया शुल्क देना होगा।
फर्जी दस्तावेज बनाकर हासिल किया भरोसा
आरोपी ने पीड़ित को भरोसे में लेने के लिए फर्जी लोन स्वीकृति पत्र, बैंक के मोनो (लोगो) और नकली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया। दस्तावेज इतने वास्तविक लग रहे थे कि पीड़ित उसके झांसे में आ गया।
इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग माध्यमों से रकम वसूलनी शुरू कर दी। पीड़ित ने आरोपी को ₹1 लाख नकद, ₹25 हजार फोन-पे, ₹7 लाख आरटीजीएस तथा ₹2,54,285 विभिन्न किश्तों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इस तरह आरोपी ने कुल ₹10,87,285 की ठगी कर ली।
साइबर तकनीक बनी आरोपी तक पहुंचने का जरिया
मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना चांपा में अपराध क्रमांक 259/2025 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने साइबर तकनीक और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की।
पुलिस टीम मध्यप्रदेश के इंदौर पहुंची और वहां से आरोपी कुलदीप वशिष्ठ (41 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर चांपा लाया गया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
रायपुर और इंदौर दोनों जगह रह रहा था आरोपी
गिरफ्तार आरोपी कुलदीप वशिष्ठ, स्वर्गीय दिनेश वशिष्ठ का पुत्र है। उसका स्थायी पता रायपुर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तथा वर्तमान निवास इंदौर के महालक्ष्मी नगर क्षेत्र में बताया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह की ठगी अन्य लोगों के साथ तो नहीं की।
इन पुलिस अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक अशोक वैष्णव, प्रधान आरक्षक सुनील सिंह, विवेक सिंह, आरक्षक गौरीशंकर राय, माखन साहू सहित थाना चांपा की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील
जांजगीर-चांपा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि लोन दिलाने, सरकारी योजना का लाभ दिलाने या बैंक से ऋण स्वीकृत कराने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को बिना सत्यापन के रकम न दें। बैंकिंग प्रक्रिया हमेशा अधिकृत बैंक शाखा के माध्यम से ही पूरी करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।



