IPS Anjali Vishwakarma: यूपी कैडर छोड़ छत्तीसगढ़ आएंगी IPS अंजलि विश्वकर्मा, जानिए उनकी प्रोफाइल और लव स्टोरी

रायपुर/कानपुर। 2021 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अंजलि विश्वकर्मा अब उत्तर प्रदेश की बजाय छत्तीसगढ़ कैडर में अपनी सेवाएं देंगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विवाह के आधार पर उनके कैडर परिवर्तन को मंजूरी दे दी है। अंजलि के पति आईपीएस उदित पुष्कर पहले से ही छत्तीसगढ़ कैडर में कार्यरत हैं। दोनों अब एक ही राज्य में अपनी सेवाएं देंगे।
विवाह के आधार पर बदला कैडर
अंजलि विश्वकर्मा ने अपने पति उदित पुष्कर के छत्तीसगढ़ कैडर में पदस्थ होने के आधार पर कैडर परिवर्तन का आवेदन किया था। गृह मंत्रालय ने 20 जुलाई 2026 को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। फिलहाल अंजलि की छत्तीसगढ़ में नई पदस्थापना की घोषणा नहीं हुई है।
उदित पुष्कर वर्तमान में रायपुर स्थित राजभवन में राज्यपाल के एडीसी (Aide-de-Camp) के रूप में पदस्थ हैं।
साइबर क्राइम की विशेषज्ञ अधिकारी
अंजलि विश्वकर्मा वर्तमान में कानपुर में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) साइबर क्राइम के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें साइबर अपराधों की जांच में दक्ष अधिकारी माना जाता है।
हाल ही में उन्होंने एक संवेदनशील मामले का खुलासा किया था, जिसमें एक आरोपी नाबालिग बच्चियों के अश्लील वीडियो बनाकर गूगल ड्राइव में सुरक्षित रखता था। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके पास से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए।
जटिल मामलों को सुलझाने के लिए पहचान
अंजलि की पहली पोस्टिंग झांसी में हुई थी। वहां उन्होंने इंस्टाग्राम रील में दिखाई दिए एक छोटे से सुराग के आधार पर सैकड़ों किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के पिंपरी से 15 वर्षीय लापता किशोरी को सुरक्षित बरामद किया था।
कानपुर में चर्चित इमरान हत्याकांड की जांच के दौरान घटनास्थल से मिले एक दवा के रैपर को अहम सुराग बनाकर उन्होंने आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसके अलावा उन्होंने बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक चाइल्ड ट्रैफिकिंग गिरोह का भी भंडाफोड़ किया था, जो बच्चों को 30 से 50 हजार रुपये में बेचता था।
IIT से इंजीनियरिंग, फिर विदेशों में नौकरी
उत्तराखंड के देहरादून में 11 जनवरी 1993 को जन्मी अंजलि विश्वकर्मा पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहीं। उन्होंने वर्ष 2011 में 12वीं की परीक्षा में 97.7 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्तराखंड में टॉप किया था।
इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से नेविगेशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इंजीनियरिंग के बाद उन्हें एक बहुराष्ट्रीय ऑयल कंपनी में नौकरी मिली, जहां उन्होंने मेक्सिको, नॉर्वे, ब्रिटेन, मलेशिया, सिंगापुर, अबू धाबी और न्यूजीलैंड सहित कई देशों में काम किया। उस समय उनका वार्षिक पैकेज लगभग 48 लाख रुपये बताया जाता है।
विदेश की नौकरी छोड़ चुना UPSC का रास्ता
विदेश में सफल करियर के बावजूद अंजलि ने वर्ष 2018 में नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। इस दौरान उनके साथ उनके मित्र उदित पुष्कर भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। वर्ष 2020 की यूपीएससी परीक्षा में अंजलि विश्वकर्मा ने ऑल इंडिया रैंक 158 हासिल की, जबकि उदित पुष्कर की रैंक 674 रही। दोनों का चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ।
स्कूल की दोस्ती बनी जीवनसाथी का रिश्ता
IPS Anjali Vishwakarma: अंजलि और उदित की मुलाकात स्कूल के दिनों में देहरादून में हुई थी। दोनों की दोस्ती समय के साथ गहरी होती गई। बाद में दोनों ने आईआईटी कानपुर में भी साथ पढ़ाई की। अलग-अलग करियर चुनने के बावजूद उनका साथ बना रहा।
आईआईटी के बाद अंजलि विदेश में नौकरी करने चली गईं, जबकि उदित ने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। बाद में उदित की प्रेरणा पर अंजलि ने भी सिविल सेवा की तैयारी का निर्णय लिया। दोनों ने एक साथ परीक्षा दी और आईपीएस अधिकारी बने।
2024 में हुई शादी, अब एक ही कैडर में देंगे सेवाएं
आईपीएस बनने के बाद अंजलि की पहली पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के झांसी में हुई, जबकि उदित पुष्कर को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नियुक्ति मिली। अलग-अलग राज्यों में तैनाती के बावजूद दोनों ने वर्ष 2024 में विवाह किया।
लंबी दूरी और अलग-अलग कैडर में सेवाओं के कारण अंजलि ने विवाह के आधार पर कैडर परिवर्तन के लिए आवेदन किया। अब गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद वे छत्तीसगढ़ कैडर में शामिल हो गई हैं और जल्द ही राज्य में नई जिम्मेदारी संभालेंगी। अंजलि विश्वकर्मा के पिता अरुण कुमार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में इंजीनियर रहे हैं, जबकि उनकी माता नीलम विश्वकर्मा गृहिणी हैं। उनके परिवार में एक छोटी बहन भी है।



