वृंदावन से आए महाराज रितेश्वर ने ली प्रेस वार्ता, आने वाले चुनाव में देश की जनता उस दल को अपना समर्थन प्रदान करें जो उन्हें निशुल्क शिक्षा चिकित्सा तथा अविलम न्याय दिलाए- रितेश्वर महाराज…

वृंदावन से आए महाराज रितेश्वर ने ली प्रेस वार्ता
आने वाले चुनाव में देश की जनता उस दल को अपना समर्थन प्रदान करें जो उन्हें निशुल्क शिक्षा चिकित्सा तथा अविलम न्याय दिलाए- रितेश्वर महाराज
जांजगीर चांपा। आने वाले चुनावों में देश की जनता उस दल को अपना समर्थन प्रदान करें जो उन्हें निशुल्क शिक्षा चिकित्सा तथा अवलंबन न्याय दिलाने का कार्य करने की बात करे, यह बातें जाने माने वृंदावन के संत रितेश्वर महाराज ने नैला के जितेंद्र जीतू अग्रवाल के निवास में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि संत, साधु, गुरु ,माता-पिता की उपेक्षा जहां हो वहां ज्ञान का समागम नहीं हो सकता। सतगुरु रितेश्वर महाराज आनंद धाम वृंदावन के विगत कुछ वर्षोंसे इसी बात को लेकर मतदाता जागरूकता अभियान चला रहे हैं उन्होंने कहा है कि जहां-जहां लॉ एंड ऑर्डर अच्छा हो वहां विकास अच्छा होता है उन्होंने यूपी की सरकार की विशेषता बताते हुए कहा कि पहले यूपी में कानून व्यवस्था बदतर थी लेकिन यूपी में एक संत ने वहां की कानून व्यवस्था संभाली और अब वहां लॉ एंड ऑर्डर अच्छा है। अब वहां की जनता स्वछंद माहौल में जीवन की रही है कभी रात में भी स्वतंत्र रूप से सफर कर रहे हैं हालांकि उन्होंने छत्तीसगढ़ का भी जिक्र किया और यहां की भी सरकार अच्छा काम कर रही है उन्होंने कहा कि जहां कानून का भय हो वहां विकास होगा, लोग आजादी से जी सकेंगे। उत्तर प्रदेश में एक संत कुशल प्रशासक हैं ,संत भी राजनीति में कुशल प्रशासक के रूप में उभर रहे हैं उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कारों से राम राज्य की स्थापना हो सकती है अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें ताकि वह भविष्य में अपने माता-पिता की सेवा करें। उनका एक लंबे अरसे के पश्चात छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर रायपुर आगमन हुआ यहां से वे जांजगीर नैला पहुंचे हैं। इस पुण्य भूमि में आकर उन्हें भी प्रसन्नता महसूस होती है, उन्होंने बताया कि वह प्रदेशवासियों को राष्ट्र प्रेम के साथ तनाव मुक्त जीवन परिवार और समाज के साथ जीने का संदेश प्रदान कर रहे हैं। रितेश्वर महाराज ने बताया कि आनंदम धाम मानवता के साथ सच्चे मार्ग पर आनंद के साथ जीवन जीने का मूल मंत्र प्रदान कर रहा है।
रितेश्वर महाराज ने कहा कि अपने ज्ञान के बल पर भारत कभी विश्व गुरु था जो अब अपने ज्ञान और अर्थ में कमी आने के कारण नीचे जा रहा है, लोगों के जीवन में सुचिता, पवित्रता ,आनंद लाकर नफरत की भावना समाप्त कर, उन्हें उन्हें व्यसनों से मुक्त कर आनंद पूर्ण तथा तनावपूर्ण जीवन लाने के लिए उनका प्रदेश में आगमन हुआ है। उन्होंने नारद मुनि को दुनिया का पहला पत्रकार बताते हुए कहा कि उनके प्रश्न बवाल और नफरत नहीं बल्कि एकता एवं शांति लाते थे।



