CG News: रायपुर में BJP-Congress की भिड़ंत बनी बवाल, कांग्रेस के 12 नेताओं पर FIR से सियासत गरमाई

रायपुर प्रदर्शन बवाल के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित पथराव और पुलिसकर्मियों के घायल होने के मामले में कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला रायपुर के राजीव भवन के बाहर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है।
रायपुर प्रदर्शन बवाल में पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिससे कई जवान घायल हुए। टीआई की शिकायत के आधार पर कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
प्रमोद दुबे ने लगाए पलटवार के आरोप
रायपुर प्रदर्शन बवाल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद दुबे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं की ओर से जूते-चप्पल फेंके गए, लेकिन कार्रवाई केवल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ की गई।उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के समर्थकों ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर हंगामा किया और निर्दोष लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। प्रमोद दुबे ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा और कांग्रेस के आरोप आमने-सामने
रायपुर प्रदर्शन बवाल के बाद दोनों प्रमुख राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा समर्थक ट्रैक्टर में पत्थर भरकर लाए थे और कांग्रेस कार्यालय के बाहर तनाव का माहौल बनाया गया। वहीं पुलिस ने अपनी कार्रवाई शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की है।इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
घायल पुलिसकर्मियों से मिले पुलिस कमिश्नर
रायपुर प्रदर्शन बवाल के बाद रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला देर रात अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच जारी रहने की बात कही है।बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में भाजपा द्वारा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन के घेराव कार्यक्रम के दौरान हुआ था।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
रायपुर प्रदर्शन बवाल में फिलहाल पुलिस जांच जारी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



