Raigarh Jindal Steel and Power: JSPL का वादा निकला सफेद झूठ, 1 लाख पेड़ों की बलि चढ़ाने पहुंची भारी मशीनें

नागरमुडा/रायगढ़: इस वक्त की एक बहुत बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से आ रही है। रायगढ़ के नागरामुड़ा के जंगलों में एक लाख पेड़ों के कत्लेआम की तैयारी हो रही है। विकास के नाम पर विनाश का वो खेल खेला जा रहा है, जिसने एक बड़ी कंपनी के दावों की पोल खोल कर रख दी है। JSPL… जी हां, वही कंपनी जिसने 1 जुलाई को वादा किया था कि वो एक भी पेड़ नहीं काटेगी, आज उसका ये वादा ‘सफेद झूठ’ साबित हुआ है।
तस्वीरें रायगढ़ के नागरामुड़ा की हैं, जहां हवाओं में आज ऑक्सीजन नहीं, बल्कि भारी मशीनों का धुआं और आदिवासियों का गुस्सा तैर रहा है। 1 जुलाई को JSPL कंपनी ने यहां के ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि पेड़ों पर कुल्हाड़ी नहीं चलेगी। लेकिन आज अचानक, कंपनी का असली चेहरा सामने आ गया। भारी-भरकम मशीनों का जत्था लेकर कंपनी के लोग जंगल को नेस्तनाबूत करने पहुंच गए हैं। सवाल ये है कि क्या एक लाख पेड़ों की बलि लेने की कसम खा ली गई है? अपने ‘जल, जंगल और जमीन’ को बचाने के लिए अब ग्रामीण आर-पार की लड़ाई पर उतर आए हैं। वो मशीनों के आगे सीना ताने खड़े हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या प्रशासन और सरकार सिर्फ एक मूकदर्शक बनी रहेगी? क्या पूंजीपतियों के आगे आदिवासियों की आवाज़ यूं ही दबा दी जाएगी?
ये सिर्फ एक जंगल के कटने की खबर नहीं है, ये लाखों जिंदगियों और पर्यावरण से जुड़े एक बड़े धोखे की कहानी है। नागरामुड़ा के आदिवासी अपनी सांसों की लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्हें अब आपकी जरूरत है। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और इन ग्रामीणों की आवाज़ बनें। इस खबर से जुड़ी पल-पल की अपडेट हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। हमारे संवाददाता ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं।



