Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-28 at 09.42.10
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

CG News: जल जीवन मिशन की खुली पोल! दो साल से अधूरी पड़ी योजना, टंकी बनी शोपीस, नदी के झरिया से प्यास बुझा रहे ग्रामीण

मोहला-मानपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पिट्टेमेटा गांव में इस योजना की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी आज भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। आलम यह है कि बरसात के मौसम में भी गांव के लोग नदी में झरिया (छोटा जल स्रोत) बनाकर पीने का पानी जुटाने को मजबूर हैं।

दो साल से अधूरी पड़ी है जल जीवन मिशन की योजना

महाराष्ट्र सीमा से लगे पिट्टेमेटा गांव में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति परियोजना का काम करीब दो साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। गांव में पानी की टंकी तो बना दी गई, लेकिन घर-घर तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने का काम अधूरा रह गया।शुरुआती दिनों में टंकी से सीमित स्तर पर पानी की आपूर्ति हुई, लेकिन बाद में पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज होने लगे। नतीजा यह हुआ कि पूरी व्यवस्था ठप पड़ गई और अब टंकी सूखी खड़ी है।

See also  लिटिल लिजेन्ड्स किड्स स्कूल में शुक्रवार को ओपन नि:शुल्क कलरिंग एवं ड्रॉईंग कॉम्पटीशन का होगा आयोजन 

पाइपलाइन बिछी, लेकिन पानी नहीं पहुंचा

Advertisment

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन गुणवत्ता की कमी के कारण कुछ ही समय में कई जगह पाइप फट गए और लीकेज शुरू हो गया। मरम्मत नहीं होने से पूरी जलापूर्ति व्यवस्था बंद पड़ी है। आज हालात यह हैं कि गांव में बनी पानी की टंकी सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है।

पुरानी सोलर टंकी भी नहीं दे पा रही राहत

गांव में पहले से मौजूद सोलर आधारित पेयजल व्यवस्था भी अब पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। छोटी टंकी में पानी का भंडारण सीमित है और उससे जुड़े नलों में पानी बूंद-बूंद करके निकलता है।इतना ही नहीं, जिस हैंडपंप से यह टंकी जुड़ी है, वह भी खराब और लीकेज की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को एक छोटा बर्तन भरने के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ता है।

See also  BOLLYWOOD NEWS : ‘वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2’ का दमदार कमबैक – चियां विक्रम की एक्शन थ्रिलर 24 अप्रैल को मचाएगी धमाल, जानिए कहां और कैसे देखें...

नदी के झरिया से बुझ रही प्यास

जब सरकारी व्यवस्था नाकाम हो गई तो ग्रामीणों ने नदी में झरिया बनाकर वहीं से पीने का पानी लेना शुरू कर दिया। बरसात के बीच भी ग्रामीण साफ पानी की तलाश में रोज नदी का रुख करने को मजबूर हैं। यह स्थिति जल जीवन मिशन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

गांव के ग्राम पटेल और ग्रामीण लगातार प्रशासन से पेयजल संकट दूर करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।वहीं, संबंधित विभाग के अधिकारी कार्रवाई और प्रक्रिया का हवाला देकर जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं। नतीजतन ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

See also  MCB जिले की पहली महिला पुलिस कप्तान रत्ना सिंह ने संभाला चार्ज, सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

सवालों के घेरे में जल जीवन मिशन

पिट्टेमेटा गांव की तस्वीर यह बताने के लिए काफी है कि कई जगहों पर जल जीवन मिशन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। टंकी, पाइपलाइन और अन्य ढांचा बनने के बावजूद यदि लोगों तक पानी नहीं पहुंच रहा, तो योजना के क्रियान्वयन और निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!