Assistant Professor bharti : छत्तीसगढ़ में 700 सहायक प्राध्यापकों की होगी भर्ती, 31 जुलाई तक प्राचार्यों की पदोन्नति पूरी करने के निर्देश

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विभागीय समीक्षा बैठक में प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में खाली पड़े 700 सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) के पदों पर जल्द सीधी भर्ती शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC)के माध्यम से होने वाली भर्ती के दस्तावेजों का सत्यापन तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही,31 जुलाई तक स्नातक कॉलेजों के प्राचार्यों की पदोन्नति पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में सभी कॉलेजों में नियमित प्राचार्य उपलब्ध रहें। बैठक में यह भी तय किया गया कि 2019 से पहले के बचे हुए सहायक प्राध्यापकों को 1990 के नियमों के तहत पदोन्नति दी जाएगी।
ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों की अंग्रेजी क्षमता बढ़ाने के लिए कॉलेजों में 90 घंटे और 90 दिन का विशेष अंग्रेजी संप्रेषण (कम्युनिकेशन) कोर्स शुरू किया जाएगा। इसके अलावा अब स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू की जाएगी।
सरकार ने प्रशासनिक सुधारों के तहत अपर संचालक’ और ‘प्राचार्य’ के पद अलग-अलग करने का फैसला लिया है। साथ ही, कॉलेजों में बजट जारी करने से पहले प्रशासनिक मंजूरी अनिवार्य होगी। प्राचार्यों के कार्यों की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष ऑडिट कराया जाएगा। वहीं, सहायक ग्रेड-3 और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी।


